Lucknow : यूपी के सीमावर्ती जिलों में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या, जयवीर सिंह ने कहा- बढ़ते पर्यटन से स्थायी निवासियों की आमदनी में बढ़ोतरी
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो एवं उसके पास अपने प्रयोग के बाद अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हो, जिन्हें यह पर्यटकों को आवास हेतु
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, उसी गति से आवासीय सुविधाओं की मांग बढ़ी है। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बहराइच में वन्यजीव अभयारण्यों के निकट रहने वाले निवासियों के लिए आमदनी की एक नई संभावनाएं विकसित हो रही है। स्थानीय निवासी अपने मकानों के अतिरिक्त कमरे पर्यटकों को उपलब्ध कराकर अच्छी इनकम प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 लेकर आया है, जिसमें पंजीकरण सरल और सुलभ है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 का लाभ उठाएंश्।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो एवं उसके पास अपने प्रयोग के बाद अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हो, जिन्हें यह पर्यटकों को आवास हेतु उपलब्ध कराना चाहे। ऐसे कक्षों की संख्या अधिकतम 06 हो सकती है, अर्थात कुल 12 बेड की व्यवस्था किसी एक आवासीय इकाई में हो सकती है। पर्यटन विभाग द्वारा बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) इकाइयों से जुड़ी व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है। ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास न करता हो एवं उसके पास 01 से 06 तक कमरे उपलब्ध हो, जिन्हें वह पर्यटकों को आवास हेतु उपलब्ध कराना चाहे। ऐसे कमरों की संख्या अधिकतम 06 (कुल 12 बेड) हो सकती है। बी एंड बी इकाई में एक केयरटेकर रखना अनिवार्य होगा, जो इकाई के रखरखाव एवं संचालन का कार्य करेगा।
जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो एवं उसके पास अपने प्रयोग के बाद कुछ कक्ष उपलब्ध हों, जिन्हें वह पर्यटकों को आवास हेतु उपलब्ध कराना चाहे, ऐसे कक्षों की संख्या 06 (कुल 12 बेड) तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि बी एंड बी एवं होम स्टे नीति के अंतर्गत इकाइयों का पंजीकरण एक सरल और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया है। नई और पहले से संचालित दोनों प्रकार की इकाइयां निर्धारित पोर्टल पर जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकती हैं। इससे पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में आपकी इकाई शामिल हो जाती है और नीति के सभी लाभ आपको प्राप्त होते हैं। पंजीकरण हेतु आधिकारिक पोर्टल https://up.tourismportal.in/application/bnb/login है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकारी प्रयासों से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म ने सशक्त पहचान बनाई है। इसका स्पष्ट प्रमाण प्रदेश के वन एवं सीमावर्ती जिलों में लगातार बढ़ता पर्यटक आगमन है। वर्ष 2025 में जनवरी से जून महीने तक लखीमपुर में जहां 11.36 लाख से अधिक पर्यटक आए, वहीं पीलीभीत में आगंतुकों की संख्या करीब 24 लाख रही। वहीं, बहराइच में 01.59 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ। बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ गुणवत्तापूर्ण ठहराव की मांग भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में स्थानीय निवासियों के लिए उ०प्र० बेड एण्ड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 के तहत नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।
Also Click : Lucknow : CM योगी ने 'पुलिस मंथन-2025' के समापन पर 16 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया
What's Your Reaction?











