Hardoi : पर्यावरण दिवस के तुरंत बाद नियमों को ताक पर रखकर काटे गए हरे-भरे पेड़, ग्रामीणों में रोष
अतरौली क्षेत्र के जंगली शिव मंदिर और जनता इंटर कॉलेज से जखवा जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित एक नीम और एक गूलर के हरे पेड़ को दिनदहाड़े कुल्हाड़ी और आरे से काट दिया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अवैध कटान खुलेआम सड़क किनारे चलती रही, लेकिन इसे
संवाददाता : मुकेश सिंह सोमवंशी
हरदोई के भरावन विकास खंड के अंतर्गत अतरौली थाना क्षेत्र में एक तरफ जहां पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके ठीक उलट हरे-भरे पेड़ों को काटने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अतरौली क्षेत्र के जंगली शिव मंदिर और जनता इंटर कॉलेज से जखवा जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित एक नीम और एक गूलर के हरे पेड़ को दिनदहाड़े कुल्हाड़ी और आरे से काट दिया गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अवैध कटान खुलेआम सड़क किनारे चलती रही, लेकिन इसे रोकने के लिए वन विभाग या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने इस पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ सरकारी स्तर पर पर्यावरण बचाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ रक्षक ही मौन बैठे हैं, जिससे इन अभियानों की गंभीरता खत्म हो रही है।
इस पूरे मामले को लेकर अतरौली चौकी प्रभारी इरफान ने अपनी अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उनके पास पेड़ों के काटने से जुड़ी कोई सूचना नहीं आई थी, फिर भी इस मामले की गहनता से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस कटान के लिए कोई आधिकारिक अनुमति ली गई थी और यदि नहीं, तो वन विभाग को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
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