आगे- आगे दूल्हा और पीछे- पीछे पुलिस, बीड में बाल विवाह पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, मंडप से भागा दूल्हा और बाराती

बीड शहर के कपिलधार क्षेत्र में एक मंगल कार्यालय में चल रही शादी की रस्मों के बीच अचानक पुलिस की टीम पहुंची, जिससे पूरे मंडप में हड़कंप मच

Feb 7, 2026 - 13:35
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आगे- आगे दूल्हा और पीछे- पीछे पुलिस, बीड में बाल विवाह पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, मंडप से भागा दूल्हा और बाराती
आगे- आगे दूल्हा और पीछे- पीछे पुलिस, बीड में बाल विवाह पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, मंडप से भागा दूल्हा और बाराती
  • कपिलधार देवस्थान में नाबालिग छात्रा की शादी रद्द, 100 पर केस दर्ज
  • वायरल वीडियो में कैद हुई घटना: पुलिस छापे से घबराया वर हुआ फरार

बीड शहर के कपिलधार क्षेत्र में एक मंगल कार्यालय में चल रही शादी की रस्मों के बीच अचानक पुलिस की टीम पहुंची, जिससे पूरे मंडप में हड़कंप मच गया। यह घटना गुरुवार दोपहर की है, जब विवाह का मुहूर्त तय था और विधि शुरू हो चुकी थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां एक नाबालिग लड़की का विवाह कराया जा रहा है। जैसे ही पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल घटनास्थळ पर दाखल हुआ, दूल्हा तुरंत मंडप छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन वह फरार हो गया। इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड हो गया और अब यह सामने आ चुका है। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाल विवाह को रोका। घटना बीड तालुका के कपिलधार देवस्थान से जुड़ी है, जहां पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

घटना की शुरुआत तब हुई जब सामाजिक कार्यकर्ता तत्त्वशील कांबळे को इस बाल विवाह की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत अनैतिक मानवी वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष को सूचित किया। इस सूचना के आधार पर बीड ग्रामीण पुलिस की टीम ने योजना बनाई और दोपहर के समय छापेमारी की। विवाह स्थल पर पहुंचते ही पुलिस ने देखा कि मंडप सजा हुआ था, बाराती मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। दूल्हा मंडप में बैठा था, लेकिन पुलिस की गाड़ियां देखते ही वह उठा और भागने लगा। उसके पीछे नातेवाईक और बाराती भी भागे। पुलिस टीम ने दूल्हे का पीछा किया, लेकिन वह सफलतापूर्वक फरार हो गया। इस दौरान मौके पर उपस्थित कुछ लोगों ने अपने फोन से वीडियो बनाया, जिसमें दूल्हे के भागने और पुलिस के पीछा करने के दृश्य कैद हैं। पुलिस ने तुरंत लड़की को अपनी हिरासत में लिया और आगे की प्रक्रिया शुरू की।

लड़की की उम्र 17 वर्ष है और वह दहावी कक्षा में 85 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण हुई थी। वर्तमान में वह विज्ञान शाखा में शिक्षा ग्रहण कर रही है। उसके परिवार की स्थिति ऐसी है कि पिता बेरोजगार हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी है। परिवार में असुरक्षिता का माहौल था, क्योंकि 18 दिसंबर 2025 को एक महाविद्यालयीन तरुणी का अपहरण हुआ था, जिससे क्षेत्र में भय व्याप्त था। लड़की की मां ने इसी डर से और परिवार की स्थिति को देखते हुए शादी का फैसला लिया था। मां का मानना था कि अपहरण जैसी घटनाओं से बचाने के लिए शादी कराना जरूरी है। हालांकि, यह फैसला बाल विवाह निषेध अधिनियम का उल्लंघन करता है, क्योंकि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है। पुलिस ने लड़की से बात की और उसकी स्थिति को समझा, उसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया।

घटना का क्रम इस प्रकार है: सबसे पहले विवाह का मुहूर्त तय किया गया था, जो गुरुवार दोपहर को था। विधि शुरू हो चुकी थी और मंडप में सभी रस्में चल रही थीं। सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस ने तैयारी की। टीम में पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। वे कपिलधार मंगल कार्यालय पहुंचे, जहां देवस्थान से जुड़ा विवाह स्थल है। पुलिस की एंट्री होते ही दूल्हा मंडप से उठा और भागा। उसके पीछे पुलिस दौड़ी, लेकिन वह भाग निकला। बाराती और नातेवाईक भी散 गए। पुलिस ने लड़की को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने इस मामले में कुल 100 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दूल्हे और दुल्हन के माता-पिता, निकट संबंधी, बाराती और कपिलधार देवस्थान के ट्रस्टियों का नाम शामिल है। यह केस बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में पाया गया कि लड़की की उम्र कम होने के बावजूद विवाह कराया जा रहा था। देवस्थान समिति पर आरोप है कि उन्होंने वय का प्रमाण न जांचे बिना विवाह को अप्रत्यक्ष अनुमति दी। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देवस्थान समिति की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब फरार दूल्हे की तलाश में जुटी है और अन्य शामिल व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं अभी भी हो रही हैं।

कपिलधार देवस्थान में यह पहली घटना नहीं है। पहले भी यहां बाल विवाह रोके गए हैं। देवस्थान का उपयोग विवाह के लिए किया जाता है, लेकिन उम्र की जांच न करने के कारण ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस घटना से क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है। पुलिस ने कहा कि वे ऐसे मामलों पर सख्ती से नजर रख रही हैं और गुप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। लड़की को अब सुरक्षित रखा गया है और उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • लड़की की पार्श्वभूमी

लड़की 17 वर्ष की है और उसने दहावी में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वह विज्ञान शाखा में अध्ययन कर रही है। परिवार में पिता बेरोजगार हैं, जिससे आर्थिक स्थिति खराब है। क्षेत्र में अपहरण की घटनाओं से परिवार में भय था, विशेष रूप से 18 दिसंबर 2025 की घटना से। इसी कारण मां ने शादी का निर्णय लिया। पुलिस ने लड़की का बयान लिया और उसे हिरासत में रखा।

घटना का वीडियो अब उपलब्ध है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस की टीम मंगल कार्यालय में प्रवेश करती है। दूल्हा मंडप से उठता है और तेजी से भागता है। पुलिस अधिकारी उसके पीछे दौड़ते हैं, लेकिन वह भागने में सफल होता है। वीडियो में बारातियों की भगदड़ भी दिखाई दे रही है। यह वीडियो मौके पर उपस्थित लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस ने इस वीडियो को सबूत के रूप में इस्तेमाल किया है। इस घटना से साफ होता है कि बाल विवाह की समस्या अभी भी मौजूद है और पुलिस की सतर्कता से इसे रोका जा सकता है।

पुलिस की टीम में बीड ग्रामीण पुलिस के अधिकारी शामिल थे। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया। सूचना मिलने के बाद उन्होंने योजना बनाई और समय पर पहुंचे। विवाह स्थल पर पहुंचकर उन्होंने पहले स्थिति का आकलन किया और फिर कार्रवाई की। दूल्हे के भागने के बाद उन्होंने बाकी लोगों को रोका, लेकिन अधिकांश भाग चुके थे। पुलिस ने अब जांच तेज कर दी है और फरार व्यक्तियों की तलाश में है।

  • पुलिस की कार्रवाई का विवरण

पुलिस ने 100 व्यक्तियों पर केस दर्ज किया, जिसमें माता-पिता, संबंधी, बाराती और देवस्थान ट्रस्टियों शामिल हैं। केस बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत है। दूल्हे की तलाश जारी है। जिले में बाल विवाह रोकने के अभियान चल रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि बाल विवाह एक गंभीर मुद्दा है। पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप कर लड़की का जीवन बचाया। अब जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। कपिलधार जैसे स्थानों पर उम्र की जांच अनिवार्य करने की आवश्यकता है।

  • कपिलधार देवस्थान का इतिहास

कपिलधार देवस्थान में पहले भी बाल विवाह रोके गए हैं। समिति पर वय प्रमाण न जांचने का आरोप है। कार्यकर्ताओं ने समिति की जांच की मांग की। घटना के बाद पुलिस ने लड़की का बयान दर्ज किया। उसने अपनी उम्र और शिक्षा के बारे में बताया। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। देवस्थान ट्रस्टियों से विवाह अनुमति के दस्तावेज मांगे गए। जांच में पाया गया कि उम्र का प्रमाण नहीं जांचा गया था। पुलिस अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है। दूल्हे की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।

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