शादी के बाद दूल्हा किन्नर निकला, नेग मांगने आए किन्नरों ने किया खुलासा, बारात बैरंग लौटी।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक शादी समारोह सनसनी का कारण बन गया। 13 फरवरी 2026 को रामसनेहीघाट
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक शादी समारोह सनसनी का कारण बन गया। 13 फरवरी 2026 को रामसनेहीघाट क्षेत्र से धूमधाम से बारात पहुंची। शादी की सभी रस्में पूरी हुईं, जिसमें जयमाला, सात फेरे और सिंदूर दान शामिल थे। दूल्हा रिशु (22 वर्ष), पुत्र भाग्यचंद, निवासी दिन के पुरी गुंज गांव था। शादी रात भर चली और सुबह विदाई की तैयारियां शुरू हुईं। विदाई से पहले नेग लेने किन्नर समुदाय के सदस्य पहुंचे। उन्होंने दूल्हे को देखते ही पहचान लिया और खुलासा किया कि दूल्हा किन्नर है। इस खुलासे से मौके पर हंगामा मच गया। कुछ बाराती विदाई से पहले ही वापस लौट गए। दुल्हन पक्ष ने दूल्हे से सवाल किया तो उसने सच्चाई मान ली।
- किन्नरों ने नेग के नाम पर 23 हजार रुपये दिए जाने पर शक जताया, खुलासा हुआ
किन्नर समुदाय ने नेग मांगने पहुंचकर दूल्हे को पहचाना। दूल्हे पक्ष ने उन्हें चुप कराने के लिए 23 हजार रुपये देने की कोशिश की, जबकि सामान्यतः 1100 या 2100 रुपये दिए जाते हैं। इस बड़ी राशि से दुल्हन पक्ष को शक हुआ। जब दूल्हे को चेक करने की बात हुई तो वह भागने लगा। इसी बीच किन्नरों ने दूल्हे के किन्नर होने का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि दूल्हा पहले उनके समुदाय में रह चुका है। इस खुलासे के बाद दुल्हन पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया। दूल्हे को पकड़कर बंधक बनाया गया लेकिन पुलिस पहुंचने से पहले किन्नर समुदाय के लोगों ने उसे अपने साथ ले गए। दुल्हन पक्ष ने शांति बनाए रखी और कोई बड़ा विवाद नहीं किया। उन्होंने शादी में हुए खर्च की राशि वापस ली और बारात को वापस जाने दिया।
- पुलिस पहुंची, समझौता हुआ, दुल्हन पक्ष ने खर्च वापस लिया
घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। दुल्हन पक्ष ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। दुल्हन पक्ष ने शादी में हुए खर्च की राशि वापस ली। बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। दूल्हा किन्नर समुदाय के साथ चला गया। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना रहा। शादी की रस्में पूरी होने के बाद विदाई से पहले यह खुलासा हुआ। किन्नरों की मौजूदगी और नेग की बड़ी राशि ने सच्चाई सामने लाई। दुल्हन पक्ष ने मामले को शांतिपूर्वक निपटाया।
बाराबंकी के इस गांव में शादी धूमधाम से हुई लेकिन विदाई से पहले दूल्हे का किन्नर होना सामने आया। किन्नरों ने नेग मांगते समय पहचान उजागर की। दूल्हे पक्ष ने 23 हजार रुपये देने की कोशिश की लेकिन खुलासा हो गया। दुल्हन पक्ष ने खर्च वापस लिया और बारात लौटा दी। पुलिस ने समझौता कराया।
- शादी की रस्में पूरी, लेकिन खुलासे से बारात बिना दुल्हन के लौटी
शादी में जयमाला, सात फेरे और अन्य रस्में पूरी हुईं। सुबह विदाई की तैयारियां चल रही थीं। किन्नरों के आने से नेग की राशि पर बात हुई। बड़ी राशि देने की कोशिश से शक हुआ। दूल्हे को चेक करने पर वह भागा। किन्नरों ने बताया कि दूल्हा उनके समुदाय से है। हंगामा मचा और बाराती भागने लगे। दुल्हन पक्ष ने दूल्हे को रोका लेकिन पुलिस पहुंचने से पहले किन्नर उसे ले गए। दुल्हन पक्ष ने समझौता किया और खर्च वापस लिया।
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