Ayodhya : अयोध्या राम मंदिर में महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह के साक्षी बनेंगे श्रद्धालु
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार और अन्य द्वारों को भी भव्य अलंकरण से सजाया जाएगा। श्रद्धालु प्रवेश करते ही दिव्यता और भक्ति का अनुभव करेंगे। मुख्य पर्व पर कुबेर नवरत्न टीला स्थित कुबेरेश्व
अयोध्या में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रामनगरी भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगने वाली है। भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाहोत्सव के उपलक्ष्य में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को सुगंधित फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजाया जाएगा। विभिन्न स्थानों से विशेष फूलों का इंतजाम किया गया है।
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार और अन्य द्वारों को भी भव्य अलंकरण से सजाया जाएगा। श्रद्धालु प्रवेश करते ही दिव्यता और भक्ति का अनुभव करेंगे। मुख्य पर्व पर कुबेर नवरत्न टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव और परकोटे में बने छह शिवालयों में रुद्राभिषेक और विशेष पूजन होगा। वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। शिवालय पूरे दिन दर्शन के लिए खुले रहेंगे। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के अनुसार निर्माण एजेंसियों के अधिकारी, ट्रस्ट के कार्यकर्ता और पुजारी विधिवत पूजा करेंगे।
सायंकाल गोधूलि बेला में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार होगा। महाकाल नगरी उज्जैन से अनुभवी श्रृंगारी आएंगे। श्रृंगार में लगभग दो घंटे लगेंगे। उसके बाद झांकी का अनावरण होगा और भव्य महाआरती होगी। वैदिक विधि से शिव-पार्वती विवाह का अनुष्ठान होगा जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा। बढ़ती संख्या को देखते हुए अंगद टीला पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण, भजन-कीर्तन और विवाहोत्सव होगा। रात्रि जागरण में सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तों को भावुक करेंगे। पूरे समय राम मंदिर में दर्शन जारी रहेंगे।
प्रशासन और ट्रस्ट ने सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए हैं। यह आयोजन राम और शिव के प्रेम का प्रतीक बनेगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचेंगे और भक्ति में डूबेंगे।
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