फरीदाबाद नीमका जेल में कैदियों ने की भूख हड़ताल, फोन कॉल कटौती पर 40 से ज्यादा कैदी अनशन पर
जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जेल सुपरिंटेंडेंट संजय बंगड़ से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं
- नीमका जेल कैदियों का विरोध: साप्ताहिक फोन कॉल घटाने से भड़के, भूख हड़ताल शुरू
- हरियाणा जेल में हंगामा: फोन सुविधा कम होने पर कैदियों ने शुरू की भूख हड़ताल
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित नीमका जेल में एक नई विवादास्पद घटना सामने आई है, जहां फोन कॉल की सुविधा में कटौती के विरोध में कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह घटना जेल प्रशासन और कैदियों के बीच तनाव को दर्शाती है, जो हाल ही में एक अन्य घटना के बाद और बढ़ गया है।
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में 40 से अधिक कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल जेल प्रशासन द्वारा साप्ताहिक फोन कॉल की सुविधा में की गई कटौती के विरोध में शुरू हुई है। कैदियों का आरोप है कि पहले उन्हें सप्ताह में तीन दिन परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर दो दिन कर दिया गया है।
कैदियों ने इस फैसले के खिलाफ विरोध जताया, जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया। हड़ताल पर बैठे कैदियों ने एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने जेल अधिकारियों पर बदसलूकी और धमकी देने का आरोप लगाया है। नोट के अनुसार, विरोध करने वाले कैदियों से दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धमकाया गया कि अगर उन्होंने इस कदम के खिलाफ या जेल अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई, तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
यह घटना 14 फरवरी 2026 को प्रमुखता से सामने आई, जब कैदियों द्वारा लिखा गया नोट वायरल हुआ। नोट में कैदियों ने अपनी शिकायतें विस्तार से दर्ज की हैं। उन्होंने बताया कि फोन कॉल की संख्या में कमी से उनकी पारिवारिक संपर्क प्रभावित हो रहा है। कैदियों का कहना है कि यह सुविधा उनकी मानसिक स्थिति और कानूनी अधिकारों से जुड़ी है। नीमका जेल में यह हड़ताल बीते दिनों हुई एक अन्य घटना के बाद शुरू हुई है, जिसमें एक आतंकी कैदी की हत्या हुई थी। उस घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के नियमों में बदलाव किए, जिसके तहत फोन कॉल की संख्या कम की गई। कैदियों का मानना है कि यह कटौती उनके अधिकारों का हनन है।
कैदियों ने अपने नोट में जेल सुपरिंटेंडेंट और अन्य अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनसे गलत व्यवहार किया गया और धमकियां दी गईं। नोट को एक जज को भी संबोधित किया गया था, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया। जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जेल सुपरिंटेंडेंट संजय बंगड़ से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कुछ रिपोर्टों में जेल प्रशासन का कहना है कि कोई हड़ताल नहीं चल रही है, जबकि अन्य स्रोतों में 40 से अधिक कैदियों के अनशन पर होने की पुष्टि हुई है।
यह घटना हरियाणा की जेल व्यवस्था में सुविधाओं और कैदियों के अधिकारों पर सवाल उठाती है। फोन कॉल की सुविधा कैदियों के लिए परिवार से संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसे नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाता है। कटौती के फैसले से कैदियों में असंतोष बढ़ गया है। भूख हड़ताल पर बैठे कैदियों की संख्या 40 से ज्यादा बताई जा रही है। हड़ताल अनिश्चितकालीन है और कैदियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक इसे जारी रखने की बात कही है। मामला अब प्रशासन के सामने है और जांच की उम्मीद है।
नीमका जेल फरीदाबाद जिले में स्थित है और यहां विभिन्न प्रकार के कैदी बंद हैं। जेल में पहले भी मोबाइल फोन मिलने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन यह मामला सुविधाओं में कटौती से जुड़ा है। कैदियों ने अपनी शिकायतों को लिखित रूप में दर्ज किया है, जो अब जांच का आधार बन सकता है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू होने की संभावना है। कैदियों की मांग है कि फोन कॉल की पुरानी सुविधा बहाल की जाए और उनके साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। यह घटना 15 फरवरी 2026 तक जारी है और आगे क्या होता है, इस पर नजर टिकी हुई है।
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