Lucknow : प्रदेश के 75 जनपदों के 850 बच्चे राज्य मंच पर दिखाएंगे प्रतिभा, 23 बालिकाओं का होगा सम्मान
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे
- ‘प्रगति - आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ विषय पर आयोजन
- 746 केजीबीवी, 45,656 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों तथा 1129 पीएम श्री विद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व का साक्षी बनेगा आयोजन
- बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जीवंत झलक दिखाई देगी
लखनऊ। प्रदेश भर की बेटियों के आत्मसम्मान, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को नया मंच देने की दिशा में ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव में इस बार प्रदेश की विविध प्रतिभाओं का संगम देखने को मिलेगा। 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, 45,656 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों तथा 1129 पीएम-श्री विद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस आयोजन में तीन चरणों क्रमशः जनपद, मंडल और अब राज्य स्तर में हुई चयन प्रक्रिया के बाद 18 मंडलों से चयनित प्रतिभाशाली बच्चे अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
23 विशिष्ट बालिकाओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम में खेल, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली 23 बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। इन बालिकाओं ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। उनकी प्रेरक उपलब्धियां अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और समाज में बेटियों के आत्मसम्मान, समानता तथा सशक्त भविष्य के संदेश को और अधिक मजबूती देंगी।
बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिखेगी झलक
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जीवंत झलक भी दिखाई देगी। विद्यालयों में संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, जीवन कौशल शिक्षा, मीना मंच और सेल्फ-एस्टीम जैसे कार्यक्रमों से विकसित हो रहा बालिकाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व इस मंच पर स्पष्ट रूप से नजर आएगा।
तीन चरणों में हुआ चयन
बाल उत्सव की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न हुई है। पहले चरण में प्रदेश के 75 जनपदों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में 18 मंडलों में मंडलीय स्तर पर बाल उत्सव आयोजित हुए, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 75 जनपदों के लगभग 850 बच्चों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए स्थान बनाया। अब राज्य स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में ये चयनित बच्चे नाटक, नृत्य, गीत, योग, संवाद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
22 स्टॉलों पर मिलेगी नई जानकारी
आयोजन स्थल पर विभिन्न विषयों पर आधारित 22 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, नेतृत्व विकास, अभिभावक सहभागिता और करियर परामर्श से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
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