Lucknow : उत्तर प्रदेश में परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति दान पर स्टाम्प शुल्क अधिकतम 5000 रुपये
यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इससे पहले 2023 में जारी अधिसूचना में यह छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों त
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में बड़ी छूट देने का फैसला किया है। अब कृषि और आवासीय संपत्तियों के साथ व्यावसायिक तथा औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम 5000 रुपये ही स्टाम्प शुल्क लगेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इससे पहले 2023 में जारी अधिसूचना में यह छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। अब इसे बढ़ाकर सभी प्रकार की अचल संपत्तियों पर लागू कर दिया गया है।
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि इससे पहले परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति दान पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार पूरा स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था। 2022 में कृषि और आवासीय संपत्तियों के लिए 5000 रुपये की सीमा तय की गई थी। अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इससे पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण आसान होगा, खर्च कम होगा और कानूनी विवादों में कमी आएगी।
यह छूट केवल प्राकृतिक व्यक्तियों के बीच दान पर लागू होगी। कंपनी, फर्म, ट्रस्ट या संस्था जैसी संस्थाओं के स्वामित्व वाली संपत्तियों या उनके पक्ष में दान पर यह लाभ नहीं मिलेगा। लाभ पाने वाले संबंधी में पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र वधू, सगा भाई, सगी बहन, दामाद, पौत्र और पौत्री शामिल हैं। यदि सगे भाई की मृत्यु हो चुकी हो तो उसकी विधवा को भी यह छूट मिलेगी।
एक शर्त यह है कि यदि इस छूट से प्राप्त संपत्ति को रजिस्ट्री की तारीख से 5 साल के अंदर फिर दान किया जाता है तो वह छूट के योग्य नहीं रहेगी। अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के तहत अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क अलग से लगेगा। यह फैसला आम लोगों को बड़ी आर्थिक राहत देगा और संपत्ति हस्तांतरण को सरल बनाएगा।
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