लखनऊ में एटीएम कार्ड स्वैपिंग गिरोह का भंडाफोड़, दो चोरों ने 30 लाख रुपये की ठगी की, 181 कार्ड बरामद।

लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम कार्ड स्वैपिंग के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मड़ियांव पुलिस

Feb 16, 2026 - 13:10
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लखनऊ में एटीएम कार्ड स्वैपिंग गिरोह का भंडाफोड़, दो चोरों ने 30 लाख रुपये की ठगी की, 181 कार्ड बरामद।
लखनऊ में एटीएम कार्ड स्वैपिंग गिरोह का भंडाफोड़, दो चोरों ने 30 लाख रुपये की ठगी की, 181 कार्ड बरामद।
  • लखनऊ पुलिस ने कार्ड स्वैपिंग से ठगी करने वाले दो आरोपियों को दबोचा

लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम कार्ड स्वैपिंग के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि इन दोनों ने अब तक करीब 30 लाख रुपये की ठगी की है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम शहबान और दिलशाद हैं। पुलिस ने इनके पास से 181 एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरोह लोगों के एटीएम कार्ड चुपके से बदलकर उनके अकाउंट से पैसे निकाल लेता था। ठगी का तरीका काफी शातिराना था, जिससे लोग एटीएम में कार्ड डालने के बाद भी समझ नहीं पाते थे कि उनके साथ धोखाधड़ी हो रही है।

  • कार्ड स्वैपिंग की ट्रिक से होती थी ठगी, पीड़ितों को पता नहीं चलता था

आरोपियों ने कार्ड स्वैपिंग की ट्रिक का इस्तेमाल किया। जब कोई व्यक्ति एटीएम में कैश निकालने जाता था तो आरोपी पास में खड़े होकर या भीड़ का फायदा उठाकर कार्ड चुपके से बदल देते थे। पीड़ित को कार्ड वापस मिल जाता था लेकिन वह नकली या अलग कार्ड होता था। असली कार्ड आरोपी अपने पास रख लेते थे। बाद में वे असली कार्ड से पैसे निकाल लेते थे या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर लेते थे। कई बार पीड़ित को तब पता चलता था जब अकाउंट से पैसे गायब होते थे या बैंक से मैसेज आता था। इस ट्रिक से आरोपियों ने कई लोगों के अकाउंट से पैसे उड़ाए। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी का कुल अमाउंट करीब 30 लाख रुपये पहुंच चुका है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में यह बात कबूल की कि वे इसी तरीके से लंबे समय से ठगी कर रहे थे।

  • 181 कार्ड और मोबाइल फोन बरामद, जांच में कई राज खुल रहे हैं

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 181 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इन कार्डों में से ज्यादातर विभिन्न बैंकों के थे और ये चोरी या स्वैपिंग के जरिए हासिल किए गए थे। साथ ही दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनमें ठगी से जुड़े मैसेज और डेटा मौजूद हैं। पुलिस ने बताया कि ये फोन ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। आरोपियों ने कई शहरों में यह गतिविधि की है। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य एटीएम के आसपास मौजूद रहते थे और सही मौका देखकर कार्ड बदल देते थे। पीड़ितों की संख्या काफी है लेकिन अभी तक जितने मामले दर्ज हुए हैं उनमें 30 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

  • एटीएम इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत, ऐसी होती है ठगी की पूरी प्रक्रिया

यह मामला एटीएम से कैश निकालते समय होने वाली ठगी का बड़ा उदाहरण है। कार्ड स्वैपिंग में आरोपी कार्ड को हाथ में लेकर या पास में खड़े होकर बदल देते हैं। कई बार वे कहते हैं कि कार्ड में दिक्कत है या मशीन काम नहीं कर रही है, जिससे पीड़ित ध्यान भटक जाता है। कार्ड बदलने के बाद पीड़ित को पिन डालने के लिए कहा जाता है लेकिन कार्ड पहले ही बदल चुका होता है। असली कार्ड से आरोपी दूर किसी दूसरे एटीएम या ऑनलाइन पैसे निकाल लेते हैं। पुलिस ने इस ट्रिक का भंडाफोड़ करते हुए लोगों को चेतावनी दी है कि एटीएम में कार्ड डालने के बाद हमेशा ध्यान रखें और किसी को कार्ड न छूने दें। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

  • पुलिस ने गिरोह के तरीके का किया खुलासा, कई राज सामने आए

मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता हासिल की। आरोपियों को दबोचने के बाद उनके पास से मिले सामान की जांच की गई। 181 कार्डों की संख्या से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ठगी का दायरा कितना बड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अलग-अलग एटीएम पर जाते थे और वहां मौजूद लोगों को निशाना बनाते थे। ठगी का पैसा वे अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने मामले में और जांच तेज कर दी है। यह घटना लोगों के लिए चेतावनी है कि एटीएम का इस्तेमाल सावधानी से करें। कार्ड को हमेशा अपनी नजर में रखें और किसी की मदद लेने से पहले दो बार सोचें।

  • ठगी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां, एटीएम पर रहें सतर्क

इस तरह की ठगी से बचने के लिए एटीएम में कार्ड डालते समय चारों ओर देखें। अगर कोई पास में खड़ा होकर मदद करने की कोशिश करे तो सतर्क रहें। कार्ड वापस मिलने के बाद पिन डालते समय स्क्रीन पर ट्रांजेक्शन चेक करें। बैंक से आने वाले मैसेज को तुरंत पढ़ें। यदि संदेह हो तो तुरंत बैंक को सूचित करें। पुलिस ने इस गिरोह के भंडाफोड़ से कई लोगों के अकाउंट सुरक्षित हुए हैं। जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

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