Lucknow : बीसी सखियो के माध्यम से गांवों तक पहुंच रही बैंकिंग सेवाएं, बीसी सखी कार्यक्रम में पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर

मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 40,000 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चि

Mar 9, 2026 - 23:07
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Lucknow : बीसी सखियो के माध्यम से गांवों तक पहुंच रही बैंकिंग सेवाएं, बीसी सखी कार्यक्रम में पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर
Lucknow : बीसी सखियो के माध्यम से गांवों तक पहुंच रही बैंकिंग सेवाएं, बीसी सखी कार्यक्रम में पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जहाँ महिलाओ के आजीविका संवर्धन मे निरन्तर बढ़ोत्तरी हो रही है, वही ग्रामीणों के लिए विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त करने मे सहूलियत मिल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत संचालित बीसी सखी (Banking Correspondent Sakhi) पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर बीसी सखी के रूप में तैनात किया जा रहा है, जो गांवों में लोगों को घर के पास ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। बीसी सखी मॉडल ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, और यह पहल ग्रामीण भारत में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 40,000 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं। इन बीसी सखियों के माध्यम से अब तक 43144 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। साथ ही, बैंकिंग लेन-देन पर मिलने वाले कमीशन के माध्यम से बीसी सखियां कुल मिलाकर लगभग 118 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर चुकी हैं, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आजीविका अवसर बनकर उभरा है।

बीसी सखियां गांवों में नकद जमा और निकासी, आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के माध्यम से लेन-देन, बैलेंस जांच, तथा विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं,इससे ग्रामीण लोगों को बैंक शाखाओं तक जाने की आवश्यकता कम हो गई है और उन्हें अपने गांव में ही सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल रही हैं।बीसी सखी कार्यक्रम में कई सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक (PSU Banks) साझेदार के रूप में जुड़े हुए हैं। इन बैंकों के सहयोग से बीसी सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार कर रही हैं।

संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जनमेजय शुक्ला ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत कई बीसी सखियां उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छी आय भी अर्जित कर रही हैं। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां तथा अन्य कई महिलाएं औसतन 45,000 रुपये से अधिक प्रतिमाह कमीशन के रूप में कमा रही हैं, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। बी सी सखी कार्यक्रम मे प्रदेश मे प्रयागराज पहले पायदान पर है, वही बरेली दूसरे व शाहजहांपुर तीसरे स्थान पर है।

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