तापसी पन्नू ने खोला राज, हटके रोल चुनने के पीछे है गहरा जुनून लेकिन किरदारों से अलग होना मुश्किल।
बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने अपने करियर में कई बार ऐसे किरदार चुने हैं जो सामान्य बॉलीवुड फिल्मों से अलग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि
बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने अपने करियर में कई बार ऐसे किरदार चुने हैं जो सामान्य बॉलीवुड फिल्मों से अलग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसे रोल्स पसंद करती हैं जो उन्हें चुनौती देते हैं और उनके अभिनय को नई दिशा प्रदान करते हैं। तापसी का मानना है कि शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ पारंपरिक प्रोजेक्ट्स चुने थे, लेकिन बाद में उन्होंने फैसला किया कि असामान्य रोल्स को ही अपना मुख्य काम बना लें। वे कहती हैं कि उन्हें अपनी कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना अच्छा लगता है क्योंकि इससे उन्हें खुद को बेहतर तरीके से चुनौती देने का मौका मिलता है। ऐसे किरदार उन्हें अभिनय में गहराई लाने में मदद करते हैं और वे इन्हें चुनने में संकोच नहीं करतीं। तापसी ने यह भी कहा कि उन्होंने असामान्य रोल्स को अपना सामान्य काम बनाने की कोशिश की है, ताकि दर्शक इन्हें मुख्यधारा का हिस्सा मानें।
- किरदारों का गहरा असर, अलग होने में आती है परेशानी
तापसी पन्नू ने स्वीकार किया कि ऐसे गहन और भावनात्मक किरदार निभाने के बाद वे खुद को उनसे पूरी तरह अलग नहीं कर पातीं। वे बताती हैं कि कई बार किरदार का प्रभाव इतना गहरा होता है कि फिल्म खत्म होने के बाद भी वे उस भावना या अनुभव से बाहर नहीं निकल पातीं। विशेष रूप से एक फिल्म में जहां उन्होंने विजुअली इम्पेयर्ड किरदार निभाया था, वहां किरदार से अलग होना बहुत मुश्किल रहा। तापसी ने कहा कि ऐसे रोल्स चुनौतीपूर्ण होते हैं और अभिनय के दौरान वे किरदार को पूरी तरह जीती हैं, जिससे व्यक्तिगत स्तर पर असर पड़ता है। वे भावनात्मक दृश्यों में इतनी गहराई से जुड़ जाती हैं कि बाहर निकलने में समय लगता है। हालांकि, वे इस चुनौती को स्वीकार करती हैं क्योंकि यही उन्हें बेहतर अभिनेत्री बनाता है।
- असामान्य कहानियां चुनने का कारण, खुद को नया रूप देना
तापसी पन्नू ने कई इंटरव्यू में बताया कि वे उन कहानियों की ओर आकर्षित होती हैं जो समाज के मुद्दों को छूती हैं या जो अलग तरह की होती हैं। वे ऐसे किरदार चुनती हैं जो उन्हें अभिनय की नई परतें दिखाते हैं। तापसी का कहना है कि वे क्लोन बनकर नहीं रहना चाहतीं बल्कि अपनी प्रवृत्ति और कलात्मक प्रभाव के आधार पर रोल चुनती हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ पारंपरिक रास्ते अपनाए गए लेकिन असफलताओं और अनुभवों ने उन्हें अपनी प्रवृत्ति पर भरोसा करना सिखाया। अब वे इंस्टिंक्ट पर भरोसा करती हैं और ऐसे रोल चुनती हैं जो उन्हें अलग पहचान देते हैं। तापसी ने यह भी जिक्र किया कि वे उन फिल्मों में काम करती हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें, जैसे सामाजिक मुद्दों पर आधारित कहानियां। वे मानती हैं कि अभिनय में जोखिम लेना जरूरी है और यही उनके करियर की पहचान बन गया है।
तापसी पन्नू ने अपने करियर की शुरुआत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अभिनय का रास्ता चुना। उन्होंने क्लासिकल डांस और एक्सप्रेशंस को अपनी ताकत बनाया और रोल चुनने में इसका इस्तेमाल किया। कई फिल्मों में उन्होंने मजबूत महिलाओं के किरदार निभाए हैं, जैसे कोर्टरूम ड्रामा या स्पोर्ट्स बेस्ड फिल्में। वे कहती हैं कि ऐसे किरदारों में एक कॉमन बात होती है कि वे चुप नहीं रहते और स्टैंड लेते हैं। हालांकि, वे अलग-अलग कहानियां लाती हैं ताकि दर्शकों को विविधता मिले। तापसी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वे उन रोल्स को चुनती हैं जो उन्हें चुनौती दें और जहां वे खुद को बाहर निकाल सकें। लेकिन किरदारों का भावनात्मक असर इतना होता है कि वे लंबे समय तक उससे प्रभावित रहती हैं।
एक अन्य मौके पर तापसी ने बताया कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनती हैं जो उन्हें आर्टिस्टिक रूप से संतुष्ट करें। वे ट्रेंड्स के पीछे नहीं भागतीं बल्कि गट फीलिंग पर भरोसा करती हैं। तापसी का मानना है कि असामान्य रोल्स को मुख्यधारा बनाना उनका लक्ष्य रहा है। उन्होंने कहा कि असफलताओं ने उन्हें खुद को बेहतर समझने में मदद की और अब वे अपनी कमजोरियों को भी अपनी पहचान बनाती हैं। तापसी ने कई बार जिक्र किया कि वे रिलेटेबल स्टार बनना चाहती हैं और दर्शकों से जुड़ाव महसूस करना चाहती हैं। ऐसे रोल चुनने से उन्हें यह मौका मिलता है। हालांकि, वे स्वीकार करती हैं कि गहन किरदार निभाने के बाद रिकवर करना चुनौतीपूर्ण होता है।
तापसी पन्नू की फिल्मों में अक्सर ऐसे किरदार दिखते हैं जो समाज में बदलाव की बात करते हैं। वे कहती हैं कि वे उन कहानियों को चुनती हैं जो महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाती हैं। तापसी ने बताया कि वे अभिनय को चुनौती के रूप में देखती हैं और कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना पसंद करती हैं। किरदारों से अलग न हो पाने की बात उन्होंने विशेष रूप से कुछ थ्रिलर या इमोशनल रोल्स के संदर्भ में कही है। वे मानती हैं कि यह अभिनय का हिस्सा है और इससे वे बेहतर परफॉर्मेंस दे पाती हैं।
- तापसी पन्नू का करियर सफर और रोल चयन की रणनीति
तापसी पन्नू ने कहा कि वे आउटसाइडर के रूप में इंडस्ट्री में आईं और कभी आसान नहीं रहा। लेकिन उन्होंने असामान्य रोल्स चुनकर अपनी जगह बनाई। वे कहती हैं कि अब वे उन रोल्स को चुनती हैं जो उन्हें अलग बनाते हैं और जहां वे अपनी क्षमता दिखा सकें। तापसी ने जिक्र किया कि वे उन फिल्मों में काम करती हैं जो उन्हें कलात्मक संतुष्टि दें। किरदारों का असर व्यक्तिगत स्तर पर पड़ता है लेकिन वे इसे पॉजिटिव चुनौती मानती हैं।
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