Special Article: युवाओं व नारी सशक्तीकरण को समर्पित है यूपी बजट।
विगत कुछ माह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमुदाय को सरकार के निर्णयों से अवगत कराने के लिए पाती लिखने
लेखक: मृत्युंजय दीक्षित
विगत कुछ माह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमुदाय को सरकार के निर्णयों से अवगत कराने के लिए पाती लिखने का अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। इस बार बजट के बाद लिखी अपनी पाती में उन्होंने उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की विशेषताओ पर प्रकाश डाला है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह बजट युवाओं व नारी शक्ति के लिए एक ऐतिहासिक बजट है। उत्तर प्रदेश का यह बजट नवाचार का बजट है। नवनिर्माण के 9 वर्षों की यह यात्रा प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमत्री योगी पूर्व में भी कह चुके हैं कि विगत नौ वर्षों में यूपी असीमित क्षमताओं वाला प्रदेश बन चुका है।इस बजट में युवाओं को रोजगार उपलबध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। उभरती हुई नयी तकनीकीकी कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। प्रदेश में पहली बार स्टेट डेटा अथारिटी का गठन करने की ऐतिहासिक पहल की गई है। यह प्रदेश में वास्तविक समय पर आंकड़ों के संग्रह और इसके अनुश्रवण के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश एआई मिशन, एआई डेटा लैब, एआई सेंटरऑफ एक्सीलेंस तथा डेटा सेंटर क्लस्टर प्रदेश को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी एआइ एवं डीप टेक के क्षेत्र में एक एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगे। बजट के अनुसार ”टेक युवा समर्थ युवा” योजना के अंतर्गत 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा।
बजट में एआई को प्राथमिकता दी गई है जिसके लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआइ लैब स्थापित की जाएगी। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई ठेटा लैब की स्थापना के लिए 32.32 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला हे। प्रदेश में पहली बार स्टार्ट अप इन्क्यूबेटर हब बनने जा रहा है इस कार्य के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यू -हब का मुख्यालय लखनऊ और दूसरा इन्क्यूबेटर गौतमबुद्धनगर में बनाया जाएगा। यू -हब से ऐसे स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा ।राजधानी के परिषदीय विद्यालयों को एआई से जोड़़ा जाएगा। स्मार्ट कक्षाओं में छात्रों को परंपरागत के साथ आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा मिलेगी।
युवाओ के लिए रोजगार के नए क्षेत्रो का सृजन किया जा रहा है। हथकरघा, पावरलूम और गारमेंटिंग सेक्टर में रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में 30 हजार रोजागर सृजन का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 -27 में 800 इकाइयों की स्थापना कर 16हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत उत्पादन के लिए 10 करोड़ और खजनी गोरखपुर स्थित कम्बल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए भी पर्याप्त धन की व्यवस्था की गई है।
युवाओ के लिए पर्यटन के माध्यम से भी रोजगार सृजन करने की व्यवस्था बजट में की गई है । इसके लिए युवा पर्यटन क्लब बनाए जाएंगे। युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। गोरखपुर में स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की स्थापना की जाएगी और फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट अलीगढ़ को उच्चीकृत कर स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ होटल मैनेजमेंट बनाया जाएगा। वहीं युवा पर्यटन क्लबॉन के लिए तीन करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था तथा मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम से युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं। बजट मे एमएसएमई सेक्टर को पर्याप्त धन मिलने से लघु सूक्ष्म और मध्यम उद्यम को बढ़ावा मिलने से युवाओ के लिए रोजगार और नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। युवाओ के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए मंडल मुख्यालय वाले प्रत्येक जनपद में खेल विद्यालय व मैदान बनाने की योजना है जिसके अंतर्गत 2030 के कामनवेल्थ गेम्स एवं 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को निखारा जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास के लिए कुल 18,620 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना एवं जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास प्रस्तावित है। बजट मे मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है जबकि महिला क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 151.04 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसके तहत महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में दुग्ध कंपनियों का गठन कर दुग्ध संग्रहण व विपणन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। निराश्रित महिला पेंशन योजना में 3500 करोड़ रुपए, छात्रावासो के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 252 करोड़ रुपए और मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के अतंर्गत भवन निर्माण के लिए 80 करेड रुपए का प्रावधान किया गया है।
बजट में इस बार धन का आवंटन इस प्रकार से किया गया है यदि सरकार आगे कोई बड़ी योजना घोषित करती है तो उसके लिए भी पर्याप्त धन उपलब्ध रहे जैसे किअभी बुजुर्ग और वृद्ध महिलाओ के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि करने से लेकर 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी महिलाओं के लिए सरकारी बसों में निःशुक्ल यात्रा की व्यवस्था प्रस्तावित है।नवरात्रि के अवसर पर विशेष अभियान चलाये जाते हैं जिनके लिए धन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
प्रदेश सरकार के बजट को लेकर महिलाओं का कहना है कि इस बर के बजट से बेटियों की पढ़ाईसे लेकर विअव्ह तक की चिंता कम होरही है। यह बजट गरीब महिलाओं को व्यापक रूप से सहारा देने वाला है। इस बजट से कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढे़गी। स्वयं सहायता समूहो के लिए की गई घोषणाओं से महिला समूह के उत्पादों को बाजार दिलाने से गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।
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