नीतीश कुमार की हिजाब ने तूल पकड़ा, संजय निषाद का विवादित बयान- 'नकाब छू दिया तो इतना हंगामा, कहीं और छूते तो क्या होता', बाद में माफी मांगी। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो 15 दिसंबर 2025 को वायरल हुआ जिसमें वे पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण

Dec 17, 2025 - 12:27
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नीतीश कुमार की हिजाब ने तूल पकड़ा, संजय निषाद का विवादित बयान- 'नकाब छू दिया तो इतना हंगामा, कहीं और छूते तो क्या होता', बाद में माफी मांगी। 
नीतीश कुमार की हिजाब ने तूल पकड़ा, संजय निषाद का विवादित बयान- 'नकाब छू दिया तो इतना हंगामा, कहीं और छूते तो क्या होता', बाद में माफी मांगी। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो 15 दिसंबर 2025 को वायरल हुआ जिसमें वे पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब या नकाब खींचते नजर आए। कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद हॉल में आयोजित था जहां 1283 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। इनमें से कुछ डॉक्टरों को मंच पर बुलाकर पत्र सौंपे जा रहे थे। जब नुसरत परवीन की बारी आई तो वे चेहरे पर नकाब डाले मंच पर पहुंचीं। नीतीश कुमार ने नकाब की ओर इशारा करते हुए "ये क्या है" कहा और फिर खुद नकाब नीचे खींच दिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखे लेकिन नीतीश कुमार ने नकाब हटा दिया। महिला डॉक्टर असहज नजर आईं और उन्हें मंच से हटा दिया गया। यह घटना वीडियो में कैद हो गई और तेजी से वायरल हो गई।

इस वीडियो पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी। एक इंटरव्यू में संजय निषाद ने हंसते हुए कहा कि नकाब या हिजाब छू दिया तो इतना हंगामा हो गया, कहीं और छूते तो क्या हो जाता। उन्होंने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि वे नियुक्ति पत्र सही व्यक्ति को देने के लिए चेहरा देखना चाहते थे और यह जांचने के लिए नकाब हटाया। संजय निषाद ने आगे कहा कि नीतीश कुमार भी इंसान हैं और इतना पीछे नहीं पड़ना चाहिए। उनका यह बयान भी वीडियो में रिकॉर्ड हुआ और वायरल हो गया। इस बयान से विवाद बढ़ गया क्योंकि इसे महिलाओं की गरिमा और सम्मान पर टिप्पणी माना गया। बयान वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा ने लखनऊ के कैसरबाग थाने में नीतीश कुमार और संजय निषाद दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में नीतीश कुमार पर महिला की गरिमा भंग करने और संजय निषाद पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया गया। शिकायत में मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की गई। कुछ अन्य जगहों पर भी नीतीश कुमार के खिलाफ शिकायतें दर्ज करने की मांग उठी लेकिन मुख्य रूप से लखनऊ में यह मामला दर्ज हुआ।

विवाद बढ़ने पर संजय निषाद ने सफाई दी। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके शब्दों से अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो वे वापस लेते हैं। संजय निषाद ने बताया कि उन्होंने हंसते हुए सहज भाव से अपनी स्थानीय भोजपुरी बोली में बात कही थी। किसी महिला, समुदाय या धर्म के प्रति कोई दुर्भावना नहीं थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एजेंडे के तहत बयान को फैला रहे हैं और ऐसा काम न करें जिससे समाज में तनाव फैले। संजय निषाद ने यह भी कहा कि बात को टालने के लिए उन्होंने ऐसा कहा था और कोई गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। नीतीश कुमार की इस घटना पर पहले से ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न दलों ने इसे महिला सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। लेकिन संजय निषाद का बयान आने के बाद विवाद और बढ़ गया। संजय निषाद का बयान 16 दिसंबर को सामने आया और उसी दिन या अगले दिन उन्होंने सफाई दी। यह पूरा मामला 15 और 16 दिसंबर 2025 का है जहां नीतीश कुमार की घटना से शुरू हुआ विवाद संजय निषाद के बयान तक पहुंचा।

नीतीश कुमार का वीडियो पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम का है जहां वे नव नियुक्त आयुष डॉक्टरों को पत्र दे रहे थे। महिला डॉक्टर यूनानी पद्धति की थीं और नकाब पहने हुई थीं। नीतीश कुमार ने नकाब हटाने के बाद कार्यक्रम जारी रखा। इस घटना के बाद संजय निषाद से जब मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने अपना बयान दिया। संजय निषाद उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री हैं और निषाद पार्टी के अध्यक्ष भी। उनका बयान नीतीश कुमार के बचाव में था लेकिन शब्दों के चयन से विवाद पैदा हो गया। शिकायत दर्ज होने के बाद मामला कानूनी रूप ले चुका है। सुमैया राणा ने दोनों नेताओं के खिलाफ महिला गरिमा और धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोप लगाए। संजय निषाद की सफाई में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और बयान सहज था। उन्होंने बयान वापस लेने की बात कही अगर किसी को बुरा लगा हो। यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही जहां एक घटना पर दूसरे नेता की प्रतिक्रिया ने नया विवाद खड़ा कर दिया। नीतीश कुमार की घटना सार्वजनिक कार्यक्रम की थी जहां कई अधिकारी और डॉक्टर मौजूद थे। संजय निषाद का बयान मीडिया से बातचीत में आया। सफाई वीडियो के जरिए दी गई। पूरा प्रकरण महिलाओं की निजता और सम्मान से जुड़ा माना जा रहा है। संजय निषाद ने अपनी भोजपुरी बोली और हंसते हुए कहने का हवाला दिया। शिकायत में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग है लेकिन आगे की जांच पर निर्भर करेगा।

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