Sambhal : सीज़फायर पर शिया स्कॉलर का बड़ा बयान: ‘जंग नहीं, डायलॉग ही रास्ता… ईरान ने सुपरपावर को झुकाया’
उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “दादागिरी और ज़ुल्म की नीति” अब दुनिया के सामने उजागर हो चुकी है। उनके मुताबिक, ईरान ने 40 दिनों के भीतर यह साबित कर दिया कि वह अ
Report : उवैस दानिश, सम्भल
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीज़फायर पर शिया स्कॉलर प्रो. आबिद हुसैन हैदरी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे “खुशआइंद कदम” बताते हुए कहा कि दुनिया जिस बड़े युद्ध के खतरे से दहशत में थी, उस माहौल में सुलह की पहल बेहद अहम है।
उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “दादागिरी और ज़ुल्म की नीति” अब दुनिया के सामने उजागर हो चुकी है। उनके मुताबिक, ईरान ने 40 दिनों के भीतर यह साबित कर दिया कि वह अपनी शर्तों पर बातचीत करने की स्थिति में है और किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है। प्रो. हैदरी ने अमेरिकी नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “बयानों में बार-बार बदलाव से उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह सीज़फायर ईरान की मजबूती और रणनीतिक धैर्य का नतीजा है। अपने बयान में उन्होंने जंग के बजाय बातचीत को ही स्थायी समाधान बताया। कहा, “इंसानी खून बहाना किसी भी समस्या का हल नहीं है। दुनिया को मज़लूम के साथ खड़ा होना चाहिए, न कि ज़ालिम के साथ।” उन्होंने शिक्षा और तकनीक को असली ताकत बताते हुए कहा कि ईरान ने यह संदेश दिया है कि “इल्म और टेक्नोलॉजी के दम पर बड़ी से बड़ी ताकत को चुनौती दी जा सकती है।” अंत में उन्होंने दुनिया से अमन, एकता और इंसानियत का संदेश फैलाने की अपील करते हुए कहा कि “इस्लाम का असली पैगाम शांति और ज्ञान है, और इसी रास्ते पर चलकर दुनिया बेहतर बन सकती है।”
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