Hardoi: भाजपा विधायक श्याम प्रकाश का बड़ा बयान: अफसरशाही बेलगाम, विकास कार्यों की होगी शिकायत।
गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक श्याम प्रकाश एक बार फिर अपने बेबाक तेवर और स्पष्टवादिता के कारण चर्चा में हैं।
हरदोई (उत्तर प्रदेश)। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक श्याम प्रकाश एक बार फिर अपने बेबाक तेवर और स्पष्टवादिता के कारण चर्चा में हैं। भैंसटा नदी स्थित अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने न केवल क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, बल्कि अपनी ही सरकार के कुछ प्रशासनिक फैसलों और अधिकारियों की कार्यशैली पर भी तीखे प्रहार किए।
- पंचायत चुनाव में प्रधानों को मिले कमान, न कि सरकारी कर्मचारी को
विधायक ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर एक बड़ा तर्क पेश किया। उन्होंने कहा कि यदि किन्हीं कारणों से पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं, तो ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाना चाहिए। विधायक के अनुसार, "लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही गांव की समस्याओं को बेहतर समझते हैं। किसी सरकारी कर्मचारी को प्रशासक बनाने से पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी आएगी
- भ्रष्टाचार पर वार: पीडब्ल्यूडी के कार्यों पर उठाए सवाल
क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कुइया, शाहाबाद तिराहा और चपरतला जैसे क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता को मानकों के विपरीत बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे जल्द ही इसकी लिखित शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।
- प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए तीखे सवाल और विधायक के जवाब
सवाल: थानों और तहसीलों में गरीबों की सुनवाई नहीं होती, जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम करने के लिए आपने क्या किया?
जवाब: विधायक ने स्वीकार किया कि जमीनी स्तर पर समन्वय की कमी है। उन्होंने कहा, "मैंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पीड़ित की बात सुनी जाए। जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं स्वयं नियमित अंतराल पर जनसुनवाई करता हूँ और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए शासन स्तर पर पैरवी कर रहा हूँ।"
सवाल: अक्सर आप बेलगाम नौकरशाही पर मुखर रहते हैं। क्या हरदोई के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सुझावों को दरकिनार कर रहे हैं?
जवाब: विधायक श्याम प्रकाश ने बिना लाग-लपेट के कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और जनता के हित में दिए गए सुझावों को प्राथमिकता दें, अन्यथा उन्हें शासन की नाराजगी झेलनी होगी।
सवाल: 'स्मार्ट विलेज' की परिकल्पना गोपामऊ में कब तक साकार होगी? डिजिटल इंडिया के तहत गांवों के लिए क्या योजना है?
जवाब: उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों को मॉडल विलेज के रूप में चिन्हित किया गया है। पंचायत सचिवालयों को सक्रिय कर वहां हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है ताकि ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं के लिए शहर न भागना पड़े। इसके लिए प्रस्ताव के लिए आगे बात की जाएगी और बेहतर की ..
सवाल: उज्ज्वला योजना के बावजूद सिलेंडर के बढ़ते दामों से गरीब आज भी लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर है, क्या आप सब्सिडी बढ़ाने का प्रस्ताव रखेंगे?
जवाब: बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने कहा कि वर्तमान में गैस और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और आश्वासन दिया कि वे सरकार के समक्ष गरीब तबके को राहत दिलाने और गैस सब्सिडी के विषय को प्रमुखता से रखेंगे।
- उपलब्धियां और आश्वासन
विधायक ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया और नगर की जल निकासी समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिया। इस दौरान जहानी खेड़ा में डॉक्टरों की तैनाती, गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने और जर्जर पशु अस्पताल के नवनिर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर टडियावां ब्लॉक प्रमुख रवि प्रकाश, धर्मेश मिश्रा, विपिन मिश्रा, गिरीश बाजपेई सहित भारी संख्या में समर्थक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?









