मेरठ में तंत्र-मंत्र और समलैंगिकता के नाम पर दो बच्चों की हत्या, असद गिरफ्तार, रिहान की तलाश जारी।
Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के नवाबगढ़ी गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 22 वर्षीय असद ने दो बच्चों....
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के नवाबगढ़ी गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 22 वर्षीय असद ने दो बच्चों, 15 वर्षीय उवैश और 11 वर्षीय रिहान, की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने उवैश का शव एक निर्माणाधीन मकान से बरामद कर लिया है, जबकि रिहान का शव अभी तक नहीं मिला है, और उसकी तलाश जारी है। जांच में समलैंगिकता, तंत्र-मंत्र, और पुरानी रंजिश के एंगल सामने आए हैं, जिसने इस मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस ने असद को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी। यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा रही है, बल्कि पूरे देश में तंत्र-मंत्र और अपराध के बीच संबंधों पर चर्चा को बढ़ावा दे रही है।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के नवाबगढ़ी गांव में 11 जुलाई 2025 को उवैश (15) लापता हो गया था। उसके परिवार ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, और जांच शुरू हुई। दो दिन बाद, 13 जुलाई को, पुलिस को शकील नामक एक पड़ोसी के घर से संदिग्ध जानकारी मिली, जिसके आधार पर असद (22) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान असद ने उवैश की हत्या का जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि उसने उवैश को अप्राकृतिक संबंध बनाने के लिए बुलाया था, लेकिन जब उवैश ने इसका विरोध किया, तो असद ने रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद, उसने शव को जलाने के लिए उस पर एसिड डाला और एक निर्माणाधीन मकान के गड्ढे में दबा दिया, जहां उसने शव को छिपाने के लिए ईंटें रख दीं। पुलिस ने असद की निशानदेही पर उवैश का शव 700 मीटर दूर एक निर्माणाधीन मकान से बरामद किया। शव के साथ उवैश के कपड़े, चप्पल, और कुछ बाल भी असद के घर से मिले।
असद ने पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि तीन महीने पहले, अप्रैल 2025 में, उसने 11 वर्षीय रिहान को भी इसी तरह अप्राकृतिक संबंध के लिए बुलाया था। जब रिहान ने मना किया, तो असद ने उसकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को छिपा दिया। पुलिस को अभी तक रिहान का शव नहीं मिला है, लेकिन असद के घर से रिहान की पैंट और कुछ सिक्के बरामद हुए हैं, जो उसकी हत्या की पुष्टि करते हैं। हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
13 जुलाई की रात को पुलिस असद को रिहान के शव की तलाश के लिए जंगल में ले गई। वहां असद ने पहले से छिपा रखा एक तमंचा निकाला और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो असद के दोनों पैरों में लगी। पुलिस ने उसे तुरंत काबू में लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। असद की हालत स्थिर बताई जा रही है, और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, और अप्राकृतिक कृत्य की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि असद ने दोनों बच्चों की हत्या करना स्वीकार किया है। उनका कहना है कि असद मानसिक रूप से असंतुलित प्रतीत होता है, लेकिन इसकी पुष्टि मेडिकल परीक्षण के बाद ही होगी। पुलिस रिहान के शव की तलाश में जुटी है, और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि तनाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
पुलिस जांच में इस मामले में कई परतें सामने आई हैं, जिनमें समलैंगिकता, तंत्र-मंत्र, और पुरानी रंजिश शामिल हैं। असद ने पूछताछ में दावा किया कि उसने तंत्र-मंत्र और "जिन्न को काबू करने" की चाहत में इन हत्याओं को अंजाम दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस को बताया कि असद लंबे समय से तंत्र-मंत्र के नाम पर बच्चों को निशाना बनाता था। उसके घर से तंत्र-मंत्र से जुड़ी कुछ वस्तुएं, जैसे अजीब चित्र और सामग्री, बरामद हुई हैं, जो इस दावे को मजबूती देती हैं।
पुलिस को यह भी संदेह है कि असद और बच्चों के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश हो सकती है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि असद का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था, और वह बच्चों को बहलाने-फुसलाने की कोशिश करता था। इसके अलावा, समलैंगिकता का एंगल भी जांच का हिस्सा है, क्योंकि असद ने दोनों बच्चों को अप्राकृतिक संबंध के लिए बुलाने की बात स्वीकारी है। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह उसका अपराध को छिपाने का बहाना है।
इस घटना ने मेरठ और आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों है, और उन्होंने असद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया, खासकर एक्स पर, इस मामले ने तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरी हैं। एक यूजर ने लिखा, “तंत्र-मंत्र के नाम पर बच्चों की हत्या? यह कितना भयानक है। सरकार को इस तरह के अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कानून बनाने चाहिए।”
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जादू-टोने के कारण 68 हत्याएं और मानव बलि से संबंधित 6 मौतें दर्ज की गई थीं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, और तेलंगाना जैसे राज्यों में ऐसे मामले अधिक थे। मेरठ की यह घटना तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़े अपराधों की गंभीरता को फिर से उजागर करती है।
भारत में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़े अपराधों के खिलाफ कोई विशेष राष्ट्रीय कानून नहीं है। हालांकि, भारतीय न्याय संहिता (BNS) में हत्या, अपहरण, और यौन अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है, लेकिन तंत्र-मंत्र को बढ़ावा देने वालों के लिए स्पष्ट कानून की कमी है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में अंधविश्वास विरोधी कानून हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कोई कानून नहीं है। इस घटना के बाद कई लोग सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। उवैश का शव बरामद करने और असद को गिरफ्तार करने के बाद, पुलिस अब रिहान के शव की तलाश में जुटी है। असद की मुठभेड़ के बाद उसकी चोटों के कारण पूछताछ में कुछ देरी हो रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही और जानकारी हासिल कर लेगी।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती रिहान के शव को ढूंढना है। असद ने शव को जंगल में छिपाने की बात कही है, लेकिन बारिश और जंगल की घनी वनस्पति के कारण तलाश में मुश्किल हो रही है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या असद का कोई सहयोगी था या उसने अकेले ही यह अपराध किया। फॉरेंसिक टीम शव और बरामद सामग्री की जांच कर रही है ताकि और सबूत जुटाए जा सकें।
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