टोरंटो में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर अंडे फेंके, भारत ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, जांच शुरू।

Jagannath Rathyatra 2025: कनाडा के टोरंटो शहर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब अज्ञात लोगों ने भक्तों पर ....

Jul 15, 2025 - 10:45
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टोरंटो में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर अंडे फेंके, भारत ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, जांच शुरू।
टोरंटो में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर अंडे फेंके, भारत ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, जांच शुरू।

कनाडा के टोरंटो शहर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब अज्ञात लोगों ने भक्तों पर अंडे फेंके। यह घटना उस समय हुई, जब इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) द्वारा आयोजित 53वीं वार्षिक रथयात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए सड़कों पर रथ खींच रहे थे। इस घटना ने न केवल टोरंटो के भारतीय समुदाय, बल्कि दुनिया भर में भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावनाओं को आहत किया। भारत सरकार ने इसे "घृणित" और "खेदजनक" करार देते हुए कनाडा सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना की जानकारी सबसे पहले इंस्टाग्राम यूजर संगना बजाज ने अपने वीडियो के माध्यम से दी, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

13 जुलाई 2025 को टोरंटो में ISKCON द्वारा आयोजित 53वीं रथयात्रा सुबह 11 बजे शुरू हुई। यह एक जीवंत और आध्यात्मिक उत्सव था, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलदेव, और सुभद्रा देवी के रथ को सड़कों पर ले जाया गया। हजारों भक्त भजन गाते, नाचते, और कीर्तन करते हुए रथ के साथ चल रहे थे। ISKCON टोरंटो की वेबसाइट के अनुसार, यह उत्सव "देवताओं को मंदिर से बाहर सड़कों पर लाने और सभी को उनके दर्शन का आशीर्वाद देने" का अवसर है। उत्सव का माहौल उत्साहपूर्ण था, जिसमें भारतीय प्रवासी और स्थानीय लोग शामिल थे।

हालांकि, जब रथयात्रा टोरंटो के एक अपेक्षाकृत शांत इलाके से गुजर रही थी, तब एक नजदीकी इमारत से कुछ अज्ञात लोगों ने भक्तों पर अंडे फेंके। इंस्टाग्राम यूजर संगना बजाज, जो टोरंटो में मेकअप आर्टिस्ट हैं और इस रथयात्रा में शामिल थीं, ने अपने वीडियो में सड़क पर टूटे हुए अंडे दिखाए। उन्होंने लिखा, "किसी ने ऊंची इमारत से हम पर अंडे फेंके। क्यों? क्योंकि हमारी आस्था शोर मचाती है? क्योंकि हमारी खुशी उन्हें अजनबी लगी? हम रुके नहीं। क्योंकि जब भगवान जगन्नाथ सड़कों पर हों, तब नफरत हमें हिला नहीं सकती।" इस वीडियो को 1.7 लाख से अधिक बार देखा गया और इसने नस्लवाद और धार्मिक असहिष्णुता के आरोपों को हवा दी।

संगना ने अपने पोस्ट में कहा, "हम स्तब्ध थे। आहत थे। लेकिन हमने रथयात्रा नहीं रोकी। नफरत कभी भी आस्था को हरा नहीं सकती।" उनके इस संदेश ने भक्तों की दृढ़ता को दर्शाया, जिन्होंने इस हमले के बावजूद उत्सव जारी रखा। वीडियो में सड़क पर टूटे अंडे और भक्तों के भजन गाते हुए आगे बढ़ने का दृश्य स्पष्ट था। इस घटना ने तुरंत सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया, और कई लोगों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे "घृणित" और "खेदजनक" बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने टोरंटो में रथयात्रा के दौरान शरारती तत्वों द्वारा बाधा डालने की खबरें देखी हैं। इस तरह के घृणित कृत्य खेदजनक हैं और उत्सव के मूल भाव—एकता, समावेश, और सामाजिक सद्भाव—के खिलाफ हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने इस मामले को कनाडा सरकार के साथ गंभीरता से उठाया है और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "टोरंटो में रथयात्रा के दौरान भक्तों पर अंडे फेंके जाने की खबरों से बहुत दुख हुआ। इस तरह की घटनाएं न केवल भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि ओडिशा के लोगों के लिए भी गहरा दुख देती हैं, जिनके लिए यह उत्सव गहरी सांस्कृतिक और भावनात्मक अहमियत रखता है।" उन्होंने ओडिशा सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में कनाडा के अधिकारियों के साथ मजबूत विरोध दर्ज करने की मांग की।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सेवादार बिनायक दासमोहपात्रा ने भी इस घटना की निंदा की और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, "यह भगवान जगन्नाथ के प्रति अनादर है और लाखों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।"

रथयात्रा भगवान जगन्नाथ का एक प्रमुख उत्सव है, जो विशेष रूप से ओडिशा में सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। यह उत्सव भक्तों को एकजुट करता है और समावेशिता का संदेश देता है। टोरंटो में इस तरह की घटना ने न केवल भारतीय प्रवासियों, बल्कि विश्व भर के हिंदू समुदाय को आहत किया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे नस्लवाद और धार्मिक असहिष्णुता का उदाहरण बताया। एक यूजर ने लिखा, "रथयात्रा पर अंडे फेंकना सिर्फ अनादर नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति पर हमला है।"

हालांकि, कुछ लोगों ने इस उत्सव को सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित करने पर सवाल उठाए। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, "धर्म को सड़कों पर लाने की क्या जरूरत है? यह सार्वजनिक असुविधा पैदा करता है।" इस तरह की टिप्पणियों ने विवाद को और बढ़ाया, और कई लोगों ने इसे असंवेदनशील बताया। संगना बजाज ने अपने जवाब में कहा कि रथयात्रा का उद्देश्य आनंद और आध्यात्मिकता फैलाना है, और इसे रोकने की कोशिश नफरत का प्रतीक है।

  • कनाडा में हिंदू समुदाय पर हमले

यह घटना कनाडा में हिंदू समुदाय पर हाल के हमलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है। 2024 और 2025 में कनाडा के कई हिंदू मंदिरों, जैसे पील क्षेत्र के BAPS स्वामीनारायण मंदिर और टोरंटो के अन्य मंदिरों, पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। इन हमलों को भारत-कनाडा के बीच राजनयिक तनाव से जोड़ा गया, खासकर खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर। भारत ने बार-बार कनाडा से हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस घटना ने इन तनावों को और बढ़ा दिया है।

कनाडा सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि कनाडाई अधिकारी जल्द ही दोषियों को पकड़ेंगे। यह घटना भारत-कनाडा संबंधों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच पहले से ही राजनयिक तनाव चल रहा है।

रथयात्रा का आयोजन ISKCON द्वारा दशकों से टोरंटो में किया जा रहा है, और यह उत्सव स्थानीय समुदाय और शहर प्रशासन के सहयोग से होता है। इस तरह की घटना ने न केवल धार्मिक स्वतंत्रता, बल्कि सांस्कृतिक समावेशिता पर भी सवाल उठाए हैं। संगना बजाज ने अपने पोस्ट में पूछा, "क्या आस्था का उत्सव गलत है? क्या खुशी का इजहार अपराध है?" उनके इस सवाल ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर किया।

कनाडा पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि वे CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच कर रहे हैं ताकि अंडे फेंकने वालों की पहचान की जा सके। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला सुनियोजित था या किसी शरारती तत्व का काम था। भारत सरकार ने कनाडा से धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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