Hardoi: टीईटी के विरोध में शिक्षकों का बिगुल, पोस्टकार्ड अभियान से सरकार तक पहुंचेगी आवाज।

टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे को लेकर शिक्षकों में बढ़ते आक्रोश के बीच अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने आर-पार की लड़ाई

Mar 14, 2026 - 15:29
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Hardoi: टीईटी के विरोध में शिक्षकों का बिगुल, पोस्टकार्ड अभियान से सरकार तक पहुंचेगी आवाज।
टीईटी के विरोध में शिक्षकों का बिगुल, पोस्टकार्ड अभियान से सरकार तक पहुंचेगी आवाज।

बेहंदर/हरदोई। टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे को लेकर शिक्षकों में बढ़ते आक्रोश के बीच अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ब्लॉक बेहंदर में आयोजित बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया कि शिक्षकों के आत्मसम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस बार का संघर्ष निर्णायक होगा।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय संगठन मंत्री एवं ब्लॉक अध्यक्ष नीलिमा देशवाल ने कहा कि शिक्षक समुदाय में टीईटी अनिवार्यता को लेकर गहरा आक्रोश और अनिश्चितता का माहौल है। शिक्षकों की इसी भावना को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडे की पहल पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, “हार तब होती है जब मान लिया जाता है और सफलता तब मिलती है जब ठान लिया जाता है।”

बैठक में कोषाध्यक्ष कमलेश पाल ने सभी शिक्षकों को पोस्टकार्ड पाती भरने का तरीका बताया। ब्लॉक संयुक्त मंत्री वर्तिका सिंह ने शिक्षकों से एकजुटता का प्रदर्शन करने की अपील की। वहीं ब्लॉक मंत्री दुर्विजय सिंह ने सभी से तन-मन-धन से इस मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया। टीएससीटी से जहान सिंह, अटेवा से मुकेश अग्निहोत्री, संगठन मंत्री अभिषेक कुमार और सुमित मौर्य ने भी शिक्षकों से मतभेद भुलाकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

आंदोलन की रूपरेखा घोषित

महासंघ ने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए बताया कि

  • 9 से 15 मार्च तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड एवं ईमेल भेजकर विरोध दर्ज कराने का देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

  • 13 अप्रैल को जिला मुख्यालयों पर शक्ति प्रदर्शन के लिए मशाल जुलूस और विशाल मोटरसाइकिल जुलूस मार्च निकाला जाएगा।

  • 3 मई को राजधानी लखनऊ में विशाल रैली कर शिक्षक समुदाय अपनी आवाज बुलंद करेगा।

महासंघ (ब्लॉक-बेहदर) ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक नीति के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षकों के भविष्य और गरिमा की रक्षा के लिए है। बैठक के अंत में संकल्प लिया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

कार्यक्रम में नम्रता सैनी, शिवानी, अंकिता सिंह, कल्याणी, रोली पाल, रेनू सिंह, अपर्णा तिवारी, प्रिंसी सिंह, अंजली देवी, सरिता, मनोरमा, कशिश पटेल, मधु, मंजू पाल, गीता, प्रभात कुमारी, रामराज, आरती कुमारी, आकांक्षा वर्मा, सुधीर कुमार, श्याम सिंह, जितेंद्र शुक्ला, विनय, शिवा शुक्ला सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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