Sitapur : नैमिषारण्य में 84 कोसीय परिक्रमा शुरू, रामादल के जयघोष के साथ लाखों श्रद्धालु नंगे पैर चलेंगे

यह 15 दिन की यात्रा लगभग 260 से 280 किलोमीटर लंबी है। सभी श्रद्धालु नंगे पैर पैदल चलते हैं। परिक्रमा चक्रतीर्थ से शुरू होकर मुख्य 11 पड़ावों से गुजरती है। पहले

By INA News Desk
Feb 18, 2026 - 00:18
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Sitapur : नैमिषारण्य में 84 कोसीय परिक्रमा शुरू, रामादल के जयघोष के साथ लाखों श्रद्धालु नंगे पैर चलेंगे
Sitapur : नैमिषारण्य में 84 कोसीय परिक्रमा शुरू, रामादल के जयघोष के साथ लाखों श्रद्धालु नंगे पैर चलेंगे

रिपोर्ट : सुरेंद्र मोठी INA NEWS नैमिषारण्य

विश्व प्रसिद्ध नैमिषारण्य तीर्थ में पुरानी परंपरा के अनुसार चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ हो गया। यह यात्रा सुबह चक्रतीर्थ में श्री गणेश पूजन और महंत नारायण दास के आश्रम से डंका बजने के साथ शुरू होती है।बोल कड़कड़ सीताराम के जयकारों के साथ रामादल नाम से जानी जाने वाली इस परिक्रमा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। श्रद्धालु एक दिन पहले से पहुंचकर डेरे या गुरु के यहां रात गुजारते हैं।धार्मिक मान्यता है कि नैमिषारण्य में 84 कोसी परिक्रमा करने से 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्ति मिलती है। इसलिए इसे भगवान विष्णु का प्रिय स्थल और अष्टम बैकुंठ भी कहा जाता है।यह प्राचीन यात्रा पतित पावन मानी जाती है जिसमें नेपाल, भूटान, श्रीलंका सहित विभिन्न देशों और राज्यों से लोग आते हैं। यह 15 दिन की यात्रा लगभग 260 से 280 किलोमीटर लंबी है। सभी श्रद्धालु नंगे पैर पैदल चलते हैं।परिक्रमा चक्रतीर्थ से शुरू होकर मुख्य 11 पड़ावों से गुजरती है। पहले पड़ाव कोरौना से हरदोई जिले में प्रवेश करती है और नवमी को नैमिषारण्य लौटती है। फिर मिश्रिख तीर्थ पहुंचकर होली के दिन महर्षि दधीचि आश्रम पर समापन होता है।मुख्य पड़ाव: प्रथम कोरौना, अन्य हर्रैया, नगवा कोथावां, गिरधरपुर उमरारी, साखिन गोपालपुर, देवगवां, मडरुवा, जरिगवां, नैमिषारण्य, कोल्हुवा बरेठी होते हुए मिश्रिख। श्रद्धालु कई पवित्र स्थलों के दर्शन करते हैं जैसे चक्रतीर्थ कुंड, भूतेश्वर नाथ मंदिर, मां ललिता देवी, व्यास गद्दी, सुत गद्दी, दक्षिणेश्वर हनुमान गढ़ी, पांच पांडव किला, दधीचि कुंड। मार्ग में ब्रह्मवर्त तीर्थ, रुद्रावर्त, लक्ष्मण टीला, सुग्रीव टीला, अश्वमेध घाट, राधा कृष्ण मंदिर, देवदेवेश्वर नाथ मंदिर आदि के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लेते हैं।

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