8वें वेतन आयोग के नाम पर ठगी का नया तरीका, सरकारी कर्मचारियों के बैंक खाते हो रहे खाली।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को निशाना बनाने वाला एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें ठग 8वें वेतन आयोग के

Feb 20, 2026 - 10:37
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8वें वेतन आयोग के नाम पर ठगी का नया तरीका, सरकारी कर्मचारियों के बैंक खाते हो रहे खाली।
8वें वेतन आयोग के नाम पर ठगी का नया तरीका, सरकारी कर्मचारियों के बैंक खाते हो रहे खाली।
  • व्हाट्सएप पर फैल रहे फर्जी सैलरी कैलकुलेटर मैसेज, एक क्लिक से पहुंच जाते हैं ठगों के हाथों में फोन का एक्सेस
  • केंद्र सरकार की चेतावनी: 8वें वेतन आयोग की जानकारी के बहाने एपीके फाइल डाउनलोड न करें, साइबर फ्रॉड से रहें सावधान

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को निशाना बनाने वाला एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें ठग 8वें वेतन आयोग के नाम पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को ठग रहे हैं। यह स्कैम फरवरी 2026 में तेजी से फैला है, जिसमें ठगों द्वारा भेजे गए मैसेज में सैलरी वृद्धि की गणना करने का दावा किया जाता है। मैसेज में एक लिंक या एपीके फाइल होती है, जिसे डाउनलोड करने पर ठगों को मोबाइल फोन का पूरा एक्सेस मिल जाता है। इससे बैंक खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस स्कैम के खिलाफ चेतावनी जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि सरकार कभी भी व्हाट्सएप या किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से एपीके फाइल नहीं भेजती। यह फ्रॉड 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद और तेज हुआ है, जो नवंबर 2025 में गठित किया गया था। आयोग की सिफारिशें 18 महीनों में आने वाली हैं, लेकिन ठग इस उत्सुकता का फायदा उठा रहे हैं।

यह स्कैम मुख्य रूप से व्हाट्सएप पर फैल रहा है, जहां ठग सरकारी कर्मचारियों को मैसेज भेजते हैं कि 8वें वेतन आयोग लागू होने पर उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह जानने के लिए एक एपीके फाइल डाउनलोड करें। एपीके फाइल इंस्टॉल होते ही ठगों को फोन का एक्सेस मिल जाता है, जिससे वे बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं। कई कर्मचारियों ने ऐसे संदिग्ध मैसेज रिपोर्ट किए हैं, जिसके बाद सरकार ने अलर्ट जारी किया। फ्रॉड का यह तरीका पहले से चल रहे साइबर अपराधों का विस्तार है, जहां ठग सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को लुभाते हैं। 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://8cpc.gov.in लॉन्च की गई है, जहां कर्मचारी और पेंशनर्स फीडबैक दे सकते हैं, लेकिन ठग फर्जी लिंक्स से इसकी नकल कर रहे हैं।

  • स्कैम का कार्य करने का तरीका

ठग व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि एपीके फाइल एक सैलरी कैलकुलेटर है, जो 8वें वेतन आयोग के तहत संशोधित सैलरी की गणना करेगी। मैसेज में एक लिंक होता है, जो एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए ले जाता है। यह फाइल इंस्टॉल होने पर मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो फोन को रिमोट कंट्रोल में ले लेता है। ठग एसएमएस, ओटीपी, बैंकिंग ऐप्स और अन्य डेटा को एक्सेस कर लेते हैं। इससे अनधिकृत ट्रांजैक्शन हो जाते हैं, और बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। यह स्कैम फरवरी 2026 में कई राज्यों में रिपोर्ट हुआ है, जहां ठग सरकारी कर्मचारियों के नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एपीके फाइल को आधिकारिक दिखाने के लिए नाम जैसे '8th CPC Salary Calculator' या 'Salary Revision Tool' रखा जाता है। इंस्टॉलेशन के बाद ठग फोन की गतिविधियों को मॉनिटर करते हैं और वित्तीय जानकारी चुराते हैं। ऐसे स्कैम बड़े सरकारी घोषणाओं के दौरान बढ़ जाते हैं, जहां लोग वित्तीय लाभ की उम्मीद में जल्दबाजी करते हैं।

कई मामलों में ठग मैसेज में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं, जैसे "सरकारी कर्मचारियों को WhatsApp पर message भेजकर कहा जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने पर उनकी salary कितनी होगी, यह जानने के लिए एक APK file download करें जैसे ही APK install की जाती है, mobile ka access fraudsters ke paas chala jaata hai"। यह मैसेज 13 फरवरी 2026 को साइबरदोस्त आई4सी द्वारा शेयर किया गया था, जो स्कैम की नकल है। ठगों का तरीका लक्षित होता है, जहां वे कर्मचारियों की उत्सुकता का फायदा उठाते हैं। 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था, और ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं।

  • निशाना बनाए जा रहे लोग

यह फ्रॉड मुख्य रूप से केंद्र सरकार के एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को निशाना बना रहा है। वेतन आयोग उनकी सैलरी, पेंशन और वित्तीय सुरक्षा को प्रभावित करता है, इसलिए ठग इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं। पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि वे वित्तीय जानकारी के लिए जल्दी लुभ जाते हैं। स्कैम पूरे भारत में फैला है, और कई कर्मचारियों ने संदिग्ध मैसेज रिपोर्ट किए हैं। ठग सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों तक पहुंच बना रहे हैं, संभवतः डेटा लीक या अन्य तरीकों से। यह फ्रॉड कर्मचारियों की रिटायरमेंट सुरक्षा और क्रय क्षमता को प्रभावित करने वाले मुद्दे पर आधारित है।

केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स इस स्कैम के मुख्य शिकार हैं, क्योंकि 8वें वेतन आयोग उनकी आय को प्रभावित करेगा। ठग मैसेज में सैलरी हाइक की गणना का लालच देते हैं, जो कर्मचारियों को क्लिक करने के लिए प्रेरित करता है। फरवरी 2026 में कई रिपोर्ट्स आई हैं, जहां कर्मचारियों ने ऐसे मैसेज प्राप्त किए।

  • केंद्र सरकार की जारी चेतावनी

केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के माध्यम से चेतावनी जारी की है। 13 फरवरी 2026 को साइबरदोस्त आई4सी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि सरकार कभी एपीके फाइल व्हाट्सएप से नहीं भेजती। चेतावनी में कहा गया कि अनजान स्रोतों से एपीके डाउनलोड न करें। सरकार ने कर्मचारियों को आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेने की सलाह दी है। आई4सी ने चेतावनी में कहा कि ठगों द्वारा भेजे गए मैसेज में एपीके फाइल डाउनलोड करने पर फोन का एक्सेस ठगों को मिल जाता है। यह अलर्ट फरवरी 2026 में कई रिपोर्ट्स के बाद जारी किया गया। सरकार ने राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन या पोर्टल पर रिपोर्ट करने की सलाह दी है।

चेतावनी में स्पष्ट किया गया कि 8वें वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://8cpc.gov.in का इस्तेमाल करें, जहां प्रश्नावली उपलब्ध है। प्रश्नावली जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 है। सरकार ने कहा कि ठग सरकारी घोषणाओं का फायदा उठा रहे हैं।

  • बचाव के उपाय

सरकार ने सलाह दी है कि अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें। ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी शेयर न करें। किसी की सलाह पर ऐप या स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें। संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर जवाब न दें, बल्कि निकटतम बैंक ब्रांच या आधिकारिक कस्टमर केयर से संपर्क करें। जानकारी को परिवार या बैंक से वेरीफाई करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट्स से जानकारी लें। संदिग्ध ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल करें। राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन या पोर्टल पर रिपोर्ट करें। साइबर विशेषज्ञों ने कहा है कि स्कैम लक्षित और विश्वसनीय दिखते हैं, इसलिए क्लिक करने से पहले सोचें।

  • बैंक ऑफ बड़ौदा ने पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन के लिए विशेष सलाह दी है कि अनजान लिंक्स न क्लिक करें।

हाल की अपडेट्स और रिपोर्टेड मामले

फरवरी 2026 में स्कैम तेज हुआ है, जब कई कर्मचारियों ने संदिग्ध मैसेज रिपोर्ट किए। 18 फरवरी 2026 तक अपडेट्स में कहा गया है कि ठगों की जांच जारी है। 14 फरवरी 2026 को रिपोर्ट्स आईं कि ठग व्हाट्सएप पर 'सैलरी कैलकुलेटर' नाम से मैसेज भेज रहे हैं। कई मामलों में बैंक अकाउंट्स से पैसे निकाले गए। 15 फरवरी 2026 को आई4सी ने ऐप स्कैम के खिलाफ अलर्ट जारी किया। 16 फरवरी 2026 को रिपोर्ट्स में कहा गया कि ठग सरकारी कर्मचारियों के डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। 17 फरवरी 2026 को वीडियो रिपोर्ट्स में स्कैम का विवरण दिया गया। 18 फरवरी 2026 को अपडेट में कहा गया कि स्कैम सरकारी घोषणाओं के दौरान बढ़ता है। 19 फरवरी 2026 तक कोई नई गिरफ्तारी नहीं रिपोर्ट हुई।

  • यह स्कैम डिजिटल अरेस्ट जैसे अन्य फ्रॉड्स से अलग है, लेकिन तरीका समान है।

8वें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ, जो 18 महीनों में सिफारिशें देगा। आयोग कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और सेवा शर्तों पर फीडबैक ले रहा है। आधिकारिक वेबसाइट पर प्रश्नावली उपलब्ध है। ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं। स्कैम की जांच जारी है, और सरकार डिजिटल जागरूकता पर जोर दे रही है।

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