Lucknow: डेटा सेंटर हब बनने की राह पर यूपी, योगी सरकार ने मजबूत किया बिजली-इंफ्रास्ट्रक्चर।

राज्य को देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने

Mar 12, 2026 - 17:45
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Lucknow: डेटा सेंटर हब बनने की राह पर यूपी, योगी सरकार ने मजबूत किया बिजली-इंफ्रास्ट्रक्चर।
डेटा सेंटर हब बनने की राह पर यूपी, योगी सरकार ने मजबूत किया बिजली-इंफ्रास्ट्रक्चर।
  • निर्बाध बिजली और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए डेटा सेंटर निवेश की राह पर उत्तर प्रदेश
  • योगी सरकार में डेटा सेंटर पार्क के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था
  • ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई से लगातार संचालन सुनिश्चित करने के लिए दोहरी बिजली आपूर्ति प्रणाली का प्रावधान
  • ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली खरीदने की सुविधा, डेटा सेंटर इकाइयों को खुले बाजार से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली लेने की अनुमति

लखनऊ। राज्य को देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर योगी सरकार विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर पॉलिसी 2021 के अंतर्गत डेटा सेंटर पार्क के लिए ऊर्जा आपूर्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुनिश्चित करने को लेकर कई कदम उठाए हैं।  इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर टेक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। डेटा सेंटर उद्योग को स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति कराने को लेकर योगी सरकार ने दोहरी ग्रिड बिजली व्यवस्था लागू की है। यह व्यवस्था डेटा सेंटर संचालन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है। ग्रेटर नोएडा में हीरानंदानी समूह द्वारा विकसित प्रदेश का पहला डेटा सेंटर पार्क संचालन में है। अडानी और एनटीटी जैसी कंपनियों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

प्रदेश सरकार ने डेटा सेंटर पार्क और डेटा सेंटर इकाइयों के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके तहत परियोजनाओं के लिए समर्पित बिजली फीडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। योगी सरकार का मानना है कि लगातार बिजली आपूर्ति डेटा सेंटर उद्योग के लिए निवेश आकर्षित करने का एक अहम कारक है। इसके साथ ही ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई का भी प्रावधान नीति में किया गया है। इस व्यवस्था के तहत डेटा सेंटर पार्कों को दो अलग-अलग बिजली स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे किसी एक ग्रिड में समस्या आने की स्थिति में भी डेटा सेंटर का संचालन प्रभावित नहीं होगा। डेटा सेंटर उद्योग में निरंतर संचालन अत्यंत आवश्यक होता है और ड्यूल ग्रिड प्रणाली इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

योगी सरकार ने ऊर्जा लागत को कम करने के लिए ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके अंतर्गत डेटा सेंटर इकाइयों को खुले बाजार से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है। इससे कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार सस्ती और स्थिर ऊर्जा स्रोतों का चयन कर सकेंगी। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर्स विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सरकार की योजना के अनुसार लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता करीब 900 मेगावाट होगी। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम जारी है। योगी सरकार अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी कर चुकी है, जिनमें 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। 

बिजली आपूर्ति के अलावा डेटा सेंटर पार्कों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, सीवर और अन्य औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि डेटा सेंटर परियोजनाओं को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर उपलब्ध कराया जाए।  विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बिजली व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेटा सेंटर उद्योग के विकास की आधारशिला होते हैं। उत्तर प्रदेश में नीति आधारित प्रोत्साहन और बेहतर ऊर्जा व्यवस्था के कारण कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश को लेकर रुचि दिखा रही हैं।

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