Deoband: कबूतर बाजी की आड़ में सट्टे का काला खेलबेजुबान पक्षियों पर हो रहा क्रूर अत्याचार। 

खेड़ा मुगल चौकी अंतर्गत गांव खेड़ा मुगल में कबूतरबाजी की आड़ मे खुलेआम लाखों रुपये के सट्टे का खेल चल रहा है। आरोप है कि

May 22, 2026 - 20:05
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Deoband: कबूतर बाजी की आड़ में सट्टे का काला खेलबेजुबान पक्षियों पर हो रहा क्रूर अत्याचार। 
कबूतर बाजी की आड़ में सट्टे का काला खेलबेजुबान पक्षियों पर हो रहा क्रूर अत्याचार। 
  • सूत्रों की माने तो लाखों रुपए का प्रतियोगिता में लगाया जा सट्टा
  • बेजुबान पक्षियों को नशीला पदार्थ देकर खेला जा रहा है सट्टे का खेल

देवबंद: खेड़ा मुगल चौकी अंतर्गत गांव खेड़ा मुगल में कबूतरबाजी की आड़ मे खुलेआम लाखों रुपये के सट्टे का खेल चल रहा है। आरोप है कि प्रतियोगिता के नाम पर एंट्री फीस वसूल कर मोटी रकम दांव पर लगाई जा रही है प्रतियोगिता में 5100 की एंट्री फीस लेकर कमेटी की ओर से नियम शर्त भी लागू की गई है जीतने वाले को ₹51000 दूसरे नंबर के विजेता को 31000 रुपए तीसरे नंबर के विभाजित को ₹11000 की राशि दी जाएगी। जबकि बेजुबान पक्षियों को जीत-हार की इस होड़ में निर्दयता की हद तक प्रताड़ित किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कबूतरों को लंबे समय तक उड़ाने और प्रतियोगिता जिताने के लिए उन्हें नशीले पदार्थ और उत्तेजक दवाइयां तक दी जा रही हैं। भीषण गर्मी में घंटों आसमान में उड़ाए जाने से कई पक्षी बीमार और कमजोर हो रहे हैं, लेकिन सट्टेबाजों को केवल अपनी जीत और पैसों से मतलब है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से यह अवैध खेल जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। खुलेआम भीड़ जुटाकर सट्टेबाजी कराई जा रही है और कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है। इससे युवाओं में भी जुए और गलत गतिविधियों की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले को पशु क्रूरता अधिनियम और जुआ कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस खेल पर रोक नहीं लगी तो यह अवैध कारोबार और बड़े रूप में फैल सकता है।

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