Sambhal : नसीमुद्दीन की सपा में एंट्री पर AIMIM का तीखा हमला, बोले ‘न नया आज़म ख़ान, न मुस्लिम रहनुमाई का चेहरा’
सय्यद असलम ने आरोप लगाया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी में कभी जननेता नहीं थे, बल्कि बहुजन समाज पार्टी नेतृत्व की खुशामद और धन संग्रह तक सीमित रहे। उन्होंने
Report : उवैस दानिश, सम्भल
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 से पहले हलचल तेज़ है। कभी मायावती के सबसे करीबी माने जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर AIMIM ने कड़ा रुख अपनाया है। AIMIM के प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने साफ कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी किसी भी मायने में बड़े नेता नहीं रहे और न ही वे अखिलेश यादव के लिए “नया आज़म ख़ान” साबित हो सकते हैं।
सय्यद असलम ने आरोप लगाया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी में कभी जननेता नहीं थे, बल्कि बहुजन समाज पार्टी नेतृत्व की खुशामद और धन संग्रह तक सीमित रहे। उन्होंने कहा कि खुद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी छोड़ते समय यह स्वीकार किया था कि वे “पैसा इकट्ठा करने” का काम करते थे। कांग्रेस में रहते हुए भी वे कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके और अब समाजवादी पार्टी में भी उनका कोई राजनीतिक वजन नहीं है। आजम ख़ान के सवाल पर AIMIM नेता ने तीखा हमला करते हुए कहा कि आज़म ख़ान कभी मुस्लिम रहनुमा नहीं रहे। अगर वे प्रभावशाली होते तो अपनी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई खुद लड़ पाते। उन्होंने यह भी कहा कि आजम ख़ान के मामलों में समाजवादी पार्टी ने कभी मजबूती से उनका बचाव नहीं किया। मुस्लिम रहनुमाई के सवाल पर सय्यद असलम ने कहा कि मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन केवल मुसलमानों की नहीं, बल्कि तमाम वर्गों की प्रतिनिधि पार्टी है। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को ऐसा नेता बताया जो देशहित में सोचते हैं और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम करते हैं।
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