कस्टडी से छुड़ाने के प्रयास में परिजनों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प, एसएचओ और गनमैन घायल, आरोपी की मौत के बाद मामला गरमाया।

जालंधर जिले के अंतर्गत आने वाले मेहतपुर थाना क्षेत्र के बंगीवाल गांव में उस समय भारी अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब एक आपराधिक मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम और आरोपी के परिवार के सदस्यों के बीच तीखी

Jun 7, 2026 - 11:45
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कस्टडी से छुड़ाने के प्रयास में परिजनों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प, एसएचओ और गनमैन घायल, आरोपी की मौत के बाद मामला गरमाया।
कस्टडी से छुड़ाने के प्रयास में परिजनों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प, एसएचओ और गनमैन घायल, आरोपी की मौत के बाद मामला गरमाया।
  • जालंधर के मेहतपुर में पुलिस रेड के दौरान भारी बवाल, चली गोली में वांछित आरोपी युवक लवप्रीत सिंह की मौत के बाद गांव में बढ़ा तनाव।
  • हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को पकड़ने गई थी मेहतपुर थाना पुलिस, अचानक भड़की हिंसा के बाद चली गोली ने लिया युवक का जीवन।

पंजाब के जालंधर जिले के अंतर्गत आने वाले मेहतपुर थाना क्षेत्र के बंगीवाल गांव में उस समय भारी अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब एक आपराधिक मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम और आरोपी के परिवार के सदस्यों के बीच तीखी बहस के बाद हिंसक झड़प हो गई। यह झड़प इतनी भयावह रूप अख्तियार कर गई कि इस दौरान अचानक गोली चल गई। इस गोलीबारी की चपेट में आने से 23 वर्षीय आरोपी युवक लवप्रीत सिंह उर्फ लवी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे बंगीवाल गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, क्योंकि युवक की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क ने घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए मामले की संवेदनशीलता को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि मेहतपुर पुलिस थाना की टीम गुप्त सूचना के आधार पर गांव बंगीवाल में आरोपी लवप्रीत सिंह उर्फ लवी को दबोचने के लिए पूरी तैयारी के साथ गई थी। लवप्रीत सिंह के खिलाफ इसी साल 5 जनवरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत एक बेहद गंभीर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में कुल नौ लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से लवप्रीत सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड में उसे एक मुख्य वांछित अपराधी के रूप में दर्ज किया गया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

मृतक लवप्रीत सिंह उर्फ लवी के खिलाफ 5 जनवरी को हत्या के प्रयास (धारा 307) का संगीन मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में कुल 9 आरोपी नामजद थे, जिनमें से लवप्रीत मुख्य वांटेड था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार को मेहतपुर थाना के एसएचओ अमन सैनी को एक बेहद सटीक और गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि लंबे समय से फरार चल रहा लवप्रीत सिंह इस समय अपने गांव बंगीवाल स्थित घर में आया हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ अमन सैनी ने बिना कोई समय गंवाए तुरंत पुलिस पार्टी का गठन किया और रणनीतिक रूप से गांव की घेराबंदी करने के लिए रवाना हो गए। पुलिस टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए लवप्रीत के घर के चारों तरफ अपना जाल बिछाया और अचानक उसके घर पर रेड कर दी। पुलिस ने जैसे ही घर के भीतर प्रवेश किया, वहां मौजूद लवप्रीत सिंह को पुलिस कर्मियों ने अपनी हिरासत में ले लिया और उसे गाड़ी की तरफ ले जाने का प्रयास करने लगे।

आरोपी लवप्रीत सिंह को पुलिस कस्टडी से भगाने के लिए परिजनों द्वारा किए गए इस अचानक और हिंसक हमले ने पुलिस टीम को पूरी तरह से चौंका दिया। परिजनों और उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों को रोकने के लिए उन पर तेजधार हथियारों और भारी डंडों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। इस हिंसक हाथापाई और जानलेवा हमले के दौरान एसएचओ अमन सैनी और उनके गनमैन को गंभीर चोटें आईं। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और आरोपी को हिरासत में रखने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हमलावरों की आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही थी। इस बीच, शोर-शराबा सुनकर आसपास के घरों से भी भारी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति और भी अधिक अनियंत्रित और नाजुक हो गई।

पुलिस टीम पर घातक हमला

एसएचओ अमन सैनी की अगुवाई में जब पुलिस टीम ने रेड की, तो आरोपी के परिजनों ने कस्टडी से छुड़ाने के लिए लाठियों और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एसएचओ और उनके गनमैन को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

भीड़ और परिजनों के हिंसक प्रतिरोध के बीच अचानक घटना स्थल पर फायरिंग की आवाज गूंज उठी। गोली चलते ही मौके पर भगदड़ मच गई और इसी दौरान एक गोली सीधे लवप्रीत सिंह उर्फ लवी को जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। युवक को गोली लगते ही हमलावर पीछे हट गए और मौके पर मौजूद भारी भीड़ तितर-बितर होने लगी। घायल लवप्रीत सिंह को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, अत्यधिक खून बह जाने और अंदरूनी चोटों के कारण उपचार के दौरान लवप्रीत सिंह ने दम तोड़ दिया। इस मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर और बंगीवाल गांव में चीख-पुकार मच गई।

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस पार्टी पर हमला करना और एक घोषित आरोपी को कस्टडी से भगाने का प्रयास करना एक बहुत बड़ा अपराध है। इस हमले में घायल हुए एसएचओ अमन सैनी और उनके गनमैन का भी चिकित्सकीय उपचार कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और जिन लोगों ने भी पुलिस टीम पर हथियारों से हमला किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। घटना के दौरान चली गोली किस हथियार से और किसने चलाई, इसकी गहनता से जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

गांव में भारी पुलिस सुरक्षा

गोलीबारी की घटना और युवक की मौत के बाद बंगीवाल गांव में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। किसी भी तरह के हिंसक विरोध प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।

फिलहाल, इस दुखद और हिंसक घटना के बाद बंगीवाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन भीतर ही भीतर भारी तनाव व्याप्त है। स्थानीय स्तर पर किसी भी अप्रिय घटना या विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल को गांव के मुख्य चौराहों और आरोपी के घर के आसपास तैनात किया गया है। पुलिस के उच्च अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। दूसरी ओर, मृतक लवप्रीत सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले में पुलिस पर भी उंगलियां उठ रही हैं, जिसके चलते निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग पहलुओं से मामले की पड़ताल की जा रही है।

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