40 साल पुरानी रेल लाइन की मांग, PM के नाम लिखे पोस्टकार्ड; सम्भल से गजरौला रेल सेवा बहाल करने की उठी आवाज
सम्भल को गजरौला रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए 40 साल पुरानी मांग फिर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से गजरौला रेल लाइन की 40 साल पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। बजट से पहले सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड लिखकर सम्भल को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग उठाई। मोहल्ला ठेर स्थित ज्वैलर्स मार्केट में अभियान चलाकर लोगों से पोस्टकार्ड लिखवाए गए, ताकि उनकी आवाज केंद्र सरकार तक पहुंच सके।
अभियान से जुड़े कौशल सर्राफ ने कहा कि सम्भल से गजरौला रेल लाइन की मांग करीब चार दशक पुरानी है। कई पीढ़ियां इस मांग को उठाते-उठाते गुजर गईं, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि संभल में रेल सुविधा न होने का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। कौशल सर्राफ ने बताया कि दिल्ली इलाज के लिए जाने वाले सम्भल के लोगों को हजारों रुपये खर्च कर सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता है, जबकि चंदौसी से रेल सुविधा होने के कारण लोगों का सफर काफी सस्ता पड़ता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के तहत सम्भल को रेल सुविधा से जोड़ने की मांग की। वहीं डॉ. नाज़िम ने कहा कि हर साल बजट से पहले रेल लाइन की मांग को लेकर अभियान चलाया जाता है। उनका कहना है कि कल्कि धाम के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सम्भल आने से लोगों को उम्मीद थी कि संभल से गजरौला या दनकौर रेल लाइन को लेकर बड़ी घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डॉ. नाज़िम ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से मांग की कि सम्भल से गजरौला रेल लाइन का नए सिरे से सर्वे कराया जाए और जो भी बाधाएं हैं, उन्हें दूर कर परियोजना को जल्द मंजूरी दी जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेल लाइन मिलने से सम्भल की जनता को सस्ता और सुरक्षित परिवहन मिलेगा और क्षेत्र के व्यापार व विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
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