MP News: मध्यप्रदेश वन राज्य निगम- डिप्टी दुर्गेश मालवीय के नेतृत्व में अनियमितताएं, नोसिखिया मजदूरों से करवाई जा रही रूट सूट छटाई।
नर्सरी से उखाड़कर ऐसे ही बोरे भरकर बुलाये बिना मापदंड के पौधे,नाके में बैठकर कर रहे मजदूर कटिंग,1 सप्ताह पहले ही हो जाना था प्लान्टेशन अब तक नही बन पाए रूट सूट...
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल में मध्यप्रदेश वन राज्य निगम की बैतूल परियोजना से लगातार भृष्टाचार के मामले सामने आ रहे है जिसको लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मदारों द्वारा संज्ञान तक नही लिया जा रहा है वहीं मामले में लीपापोती कर अपनी जेबें भरने का काम कर रहे है वहीं एसडीओ द्वारा जिम्मदार कर्मचारियों को बचाना और अपनी जेब गरम करना ये काम बखुबी जारी है जांच के नाम पर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर मौका स्थिति न दिखाकर सिर्फ चुनिंदा जगह पर घुमाना और मामले में कार्यवाही न होना कई सवाल खड़े कर रहा है आखिर क्या कारण है कि अब तक कोई बड़ी कार्यवाही की ही नही गई बस अधिनस्थों को बचाने का काम बैतूल डिवीज़न में बैठे जिम्मेदार कर रहे है ताजा मामला रामपुर भतोड़ी परियोजना मंडल बैतूल की रामपुर रेंज से सामने आया है।
जहाँ डिप्टी रेंजर दुर्गेश मालवीय का एक और कारनामा सामने आया है यहाँ बिना किसी नियम का पालन करते हुए सीधे नर्सरी से पौधे उखड़वाकर नाके में बुलवा लिया गए जिसका न तो कोई मापदंड सही से जानकारी में है और न ही कितनी मात्रा में रूट सूट आये है ये भी कोई जानकारी चौकीदार को नही है जबकि नियमानुसार रूट सूट की कटाई छटाई करने में बाद गिनती होती है और बंडल बनाकर प्लान्टेशन के लिए ले जाये जाते है जिससे आंकड़ा सही मिल पाता है कि कितना प्लान्टेशन किया गया है पर यहाँ तो डिप्टी के अपने नियम कायदे है जो अपनी मर्जी से नाके में ही रूट सूट की कटाई नोसिखिया मजदूरों से करवा रहे है अब ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इस तरह से बनाई गई रूट सूट का प्लान्टेशन सफल होगा भी या शासन को एक बार फिर लाखों का चूना लगाने की तैयारी एसडीओ के संरक्षण में डिप्टी द्वारा बदस्तूर जारी रहेगा।
यह वही डिप्टी है जो एक ही रेंज में 12 साल से पदस्थ है और निगम में रहकर शासन से आ रहे लाखों की मलाई जिम्मदारों के साथ मिलकर हजम कर रहा है वहीं लाखों रुपये मेडिकल के नाम पर निकाल चुका है और अभी भी हर माह मेडिकल के नाम पर बिल लगाकर शासन को चुना लगाने का काम कर रहा है अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में नवागत संभागीय प्रबंधक संज्ञान लेकर कोई जांच करवाएँगे क्या जिम्मेदार डिप्टी पर कोई कार्यवाही होगी या इधर से उधर करने का काम जो निगम में होता आया है वही दोहराया जाएगा और जिम्मदार एसी में बैठकर जांच का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ते रहेंगे ।
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