Hardoi: घर-घर टीबी जांच: हरदोई में फरवरी से चलेगा 100 दिवसीय विशेष अभियान। 

जनपद हरदोई में टीबी के उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फरवरी माह से 100 दिवसीय सघन टीबी खोज एवं जागरूकता

Jan 21, 2026 - 18:49
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Hardoi: घर-घर टीबी जांच: हरदोई में फरवरी से चलेगा 100 दिवसीय विशेष अभियान। 
घर-घर टीबी जांच: हरदोई में फरवरी से चलेगा 100 दिवसीय विशेष अभियान। 

हरदोई: जनपद हरदोई में टीबी के उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फरवरी माह से 100 दिवसीय सघन टीबी खोज एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पाण्डे ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में ऐसे टीबी मरीजों की पहचान करना है, जो अब तक जांच और इलाज से दूर हैं। समय रहते उन्हें उपचार से जोड़कर टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को साकार करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अभियान को लेकर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं और स्वास्थ्य कर्मी जोखिम वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों तक पहुँचेंगे।

महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के निर्देशानुसार यह अभियान जनसहभागिता के साथ बहुविभागीय समन्वय में संचालित किया जाएगा। अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधि सहित कुल 11 विभागों की सहभागिता रहेगी। इसके अलावा माई भारत वॉलंटियर्स जैसे सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

जागरूकता को व्यापक बनाने के लिए विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें छात्रों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा,
“टीबी को छुपाने की नहीं, बल्कि समय रहते जांच कराने की जरूरत है। सही समय पर पहचान ही इस बीमारी के अंत की कुंजी है।”

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. नौमान उल्लाह ने बताया कि अभियान के दौरान उच्च जोखिम समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह रोगी, कुपोषित लोग, पूर्व टीबी रोगी, टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोग, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, धूम्रपान, शराब या नशा करने वाले, निर्माण श्रमिक, वृद्धाश्रम, अनाथालय व निराश्रित गृहों में रहने वाले तथा ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिक शामिल हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच कर टीबी की पुष्टि होने पर तुरंत उपचार शुरू कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले साल 13,565 टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष कुल 14, 465  टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है | उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी में टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है। टीबी  पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है।

जाने टीबी के लक्षण -दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहना
- रात में अत्यधिक पसीना आना
-भूख न लगना
-वजन कम होना 
-लगातार बुखार, बलगम में खून आना
-अत्यधिक थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी 
-गर्दन में सूजन/गांठ/गिल्टी होना |

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