Sambhal: सम्भल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साटा के घर के कुछ हिस्से की कुर्की, ड्रोन व मुनादी के बीच बड़ी कार्रवाई।
सम्भल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साटा के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दीपा सराय स्थित मकान
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: 24 नवंबर 2024 को हुई सम्भल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साटा के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दीपा सराय स्थित मकान की कुर्की की। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एसपी, एएसपी, तहसीलदार, भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। कुर्की से पहले इलाके में बाकायदा मुनादी कराई गई और ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।
शारिक साटा गैंग के अधिकांश आरोपी इस समय सलाखों के पीछे हैं, लेकिन शारिक साटा स्वयं वर्ष 2019 से ही सम्भल से फरार है। पुलिस के अनुसार वह दुबई में बैठकर सम्भल में हिंसा कराने का आरोपी है और वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश देता रहा। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जनपद सम्भल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साटा है, जो वर्ष 2020 में फर्जी पासपोर्ट के माध्यम से भारत से भागकर दुबई चला गया था। उसकी तलाश कई राज्यों की पुलिस कर रही है। शारिक साटा के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 69 मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि 24 नवंबर की हिंसा के दौरान शारिक साटा अपने गुर्गों से ‘जंगी ऐप’ के माध्यम से संपर्क में था। उसका मुख्य गुर्गा गुलाम वर्तमान में मुरादाबाद जेल में बंद है। इन्हीं लोगों द्वारा इस हिंसा को अंजाम दिया गया था। पुलिस द्वारा शारिक साटा को गिरफ्तार करने के लगातार प्रयास किए गए, लेकिन गिरफ्तारी न हो पाने की स्थिति में माननीय न्यायालय से दो मामलों में कुर्की की अनुमति मांगी गई थी। उसी के आधार पर आज यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस मकान में शारिक साटा अपनी पत्नी के साथ रहता था, उसी हिस्से को कुर्क किया गया है। मकान के जिन हिस्सों में उसके अन्य रिश्तेदार रह रहे हैं, उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने यह भी बताया कि शारिक साटा के खिलाफ परमानेंट वारंट जारी हो चुका है। इसके आधार पर जल्द ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाया जा सके। इसके साथ ही शारिक साटा के खिलाफ दर्ज मुकदमों में ट्रायल इन एब्सेंटिया (Trial in Absentia) यानी उसकी गैरमौजूदगी में भी सुनवाई जारी रहेगी और सजा तक सुनाई जा सकती है। इसके लिए जनपद पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी की जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि सम्भल हिंसा के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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