Pilibhit: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -110 कर्मियों का हुआ परीक्षण, शुगर और बीपी के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता।
वन्यजीवों की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले वन कर्मियों की सेहत का ख्याल रखने के उद्देश्य से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक वृहद
रिपोर्ट- कुँवर निर्भय सिंह
पीलीभीत: वन्यजीवों की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले वन कर्मियों की सेहत का ख्याल रखने के उद्देश्य से पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मेदांता ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, लखनऊ के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों तक ने अपनी जांच कराई।
- मुख्य वन संरक्षक ने किया उद्घाटन।
शिविर का विधिवत शुभारंभ बरेली वृत्त के मुख्य वन संरक्षक पिनाकी प्रसाद सिंह ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजगता का संदेश देते हुए स्वयं का भी बीएमडी टेस्ट करवाया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाले वन कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भारत कुमार डीके और उपप्रभागीय वनाधिकारी रुद्रभान सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न रेंजों के वन क्षेत्राधिकारी, जिनमें महोफ रेंज से सहेंद्र यादव, बराही से अरुण मोहन और माला रेंज से रोबिन सिंह शामिल थे, अपनी टीमों के साथ शिविर में पहुंचे।
- जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
मेदांता लखनऊ की विशेषज्ञ मेडिकल टीम, जिसमें डॉ. हिमांशु शेखर पाण्डेय, कुमार सौरभ, तेजस्व दीक्षित, अलका सिंह और नम्रता शुक्ल शामिल थे, ने कुल 110 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
जांच के दौरान एक चिंताजनक पहलू सामने आया कि फील्ड में सक्रिय रहने वाले अधिकांश वन कर्मचारी ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) और शुगर (मधुमेह) जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित पाए गए। डॉक्टरों ने उन्हें खान-पान में सुधार और तनाव प्रबंधन के टिप्स दिए।
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