Lucknow : दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और मोबिलिटी में बड़ी साझेदारियां हासिल कीं
एक बड़ी उपलब्धि के रूप में एएम ग्रीन ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट क्षमता का कंप्यूट डेटा सेंटर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह प
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक दावोस में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों का मकसद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, मोबिलिटी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना तथा नए निवेश लाना था।
प्रतिनिधिमंडल में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव तथा इन्वेस्ट यूपी और यूपीसीडा के सीईओ विजय किरन आनंद, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव तथा यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह शामिल थे। इन बैठकों का समन्वय इन्वेस्ट यूपी ने किया।
बायर कंज्यूमर हेल्थ, ग्रीनको, आरईसी लिमिटेड, रिलिसैट, कॉग्निजेंट और जुबिलेंट भारतीय ग्रुप जैसी कंपनियों के साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक विनिर्माण और नई तकनीकों पर चर्चा हुई।
एक बड़ी उपलब्धि के रूप में एएम ग्रीन ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट क्षमता का कंप्यूट डेटा सेंटर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी। पहले चरण में 250 मेगावॉट क्षमता 24 महीनों में शुरू हो सकती है और पूरी 1 गीगावॉट क्षमता 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य है। कुल निवेश लगभग 25 अरब डॉलर होगा। यह डेटा सेंटर 24 घंटे कार्बन-मुक्त ऊर्जा से चलेगा और एआई कार्यभार के लिए विश्वसनीय, स्केलेबल और कम विलंब वाला इंफ्रास्ट्रक्चर देगा।
इसके अलावा इनॉक्स जीएफएल ग्रुप के साथ 2 गीगावॉट सौर ऊर्जा परियोजना और 3 गीगावॉट सौर मॉड्यूल निर्माण संयंत्र के लिए समझौता ज्ञापन हुआ। प्रस्तावित निवेश 10,500 करोड़ रुपये है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्षमता, उत्पादन और रोजगार बढ़ेगा।
टीडब्ल्यूआई ग्रुप ऑफ कंपनीज के साथ समझौता ज्ञापन से उत्तर प्रदेश में भारत का पहला हाइब्रिड ईवी मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगेगा। निवेश 1,100 करोड़ रुपये है। इससे तकनीक हस्तांतरण, रोजगार और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। ये समझौते उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
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