Ayodhya : अयोध्या में स्वामी पागलदास की स्मृति में दो दिवसीय ध्रुपद महोत्सव सम्पन्न, शानदार प्रस्तुतियां
अयोध्या के श्री हनुमत विश्वकला संगीत आश्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ और आश्रम के संयुक्त आयोजन में स्वामी पागलदास जी की स्मृति में दो दिवसीय ध्रुपद महोत्सव हुआ। महोत्सव की पहली संध्या का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसमें महंत अवध किशोर शरण, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, पंडित बृजभूषण गोस्वामी, अवधेश सिंह पंडित राजकुमार झा, पंडित विजय रामदास और डॉक्टर पवन तिवारी शामिल हुए।
उपाध्यक्ष विभा सिंह ने संबोधन में मृदंग महर्षि स्वामी पागलदास जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम के शिक्षार्थियों ने किरण देवी के नेतृत्व में सरस्वती वंदना और गुरु वंदना से की।
इसके बाद पंडित प्रशांत मलिक और निशांत मलिक ने राग पटदीप में अलाप, ताल धमार और शूलताल में बंदिशें प्रस्तुत कीं। पखावज पर राजकुमार झा ने संगत की। तत्पश्चात स्वामी पागलदास जी के उत्तराधिकारी पंडित विजय रामदास, कौशिकी झा और अनुभव रामदास ने पखावज वादन किया। पंडित विजय रामदास ने ताल धमार में गणेश वंदना, गुरु वंदना और पारंपरिक परने प्रस्तुत किए। लहरे पर वैभव रामदास ने संगत की।
महोत्सव के पहले दिन के अंत में कृष्ण चंद्र गुप्ता ने विचित्र वीणा का मनमोहक वादन किया। तबले पर रविनाथ मिश्रा ने संगत की। मंच संचालन देश दीपक ने किया। पंडित विजय रामदास ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का आभार जताया। यह महोत्सव ध्रुपद गायन के साथ पखावज, विचित्र वीणा और अन्य वाद्यों की प्रस्तुतियों से समृद्ध रहा। स्वामी पागलदास जी विश्वविख्यात पखावज वादक थे जिन्होंने इस विधा को पुनर्जीवित किया।
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