Sitapur : नैमिषारण्य में मां ललिता देवी मंदिर में खुद की बलि देने पहुंचा श्रद्धालु, पुलिस ने रोका बड़ा हादसा
सोमवार शाम करीब 6 बजे एक युवक झोला लेकर मंदिर पहुंचा। वह गर्भगृह में जाने से पहले बार-बार झोले में रखे गंडासे को देख रहा था। मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात पर्य
रिपोर्ट : सुरेन्द्र मोठी INA News Neemsaar
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नैमिषारण्य के मां ललिता देवी मंदिर में एक श्रद्धालु खुद की बलि चढ़ाने पहुंचा। पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। सोमवार शाम करीब 6 बजे एक युवक झोला लेकर मंदिर पहुंचा। वह गर्भगृह में जाने से पहले बार-बार झोले में रखे गंडासे को देख रहा था। मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात पर्यटक चौकी प्रभारी राजेश शुक्ला की नजर उस पर पड़ी। शक होने पर उन्होंने युवक को रोक लिया और झोले से धारदार हथियार बरामद किया।
युवक को पकड़कर नैमिषारण्य थाने ले जाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम कुसेंद्र है, पिता का नाम विश्राम राजवंशी है और वह ग्राम मछरेहटा का रहने वाला है। उसने एक साल पहले मां से मनोकामना पूरी होने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह खुद की बलि देने आया था। परिवार वालों को बुलाने पर उसके पिता ने बताया कि युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। वह घर पर भी कई बार ऐसी कोशिश कर चुका है।
मंदिर के पुजारी गोपाल शास्त्री ने कहा कि मन्नत पूरी होने पर नारियल, फल, फूल, मिठाई या चुनरी चढ़ानी चाहिए। यह वैष्णव माता का दरबार है। यहां नरबलि का कोई रिवाज नहीं है और ऐसी बलि कभी नहीं चढ़ाई जाती।
इससे पहले भी मंदिर में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ साल पहले एक श्रद्धालु ने गर्भगृह में चाकू से गर्दन काट ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। कुछ अन्य मामलों में श्रद्धालुओं ने अपनी जीभ काटकर चढ़ाने की कोशिश की थी। इस घटना से क्षेत्र में लोगों में हलचल मच गई है।
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