Sitapur : मधवापुर में मानक विहीन प्लाटिंग पर विवाद, ग्राम समाज की जमीन से जबरन रास्ता निकालने की कोशिश
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब प्रॉपर्टी डीलर ग्राम समाज की आरक्षित भूमि से जबरन रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। इससे ग्रामीणों और खरीदारों में भारी आक्रोश
सीतापुर सदर तहसील के ग्राम मधवापुर में एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा बिना मानकों के प्लाटिंग करने का मामला सामने आया है। प्लाट काटकर बेचे जा रहे हैं लेकिन प्लाटों तक पहुंचने के लिए कोई वैध और सुलभ रास्ता नहीं छोड़ा गया है। चारों ओर निजी खेत और आबादी होने से किसी दिशा से भी वैध मार्ग उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब प्रॉपर्टी डीलर ग्राम समाज की आरक्षित भूमि से जबरन रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। इससे ग्रामीणों और खरीदारों में भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहा है कि क्या ग्राम समाज की सार्वजनिक भूमि से निजी प्लाटिंग के लिए रास्ता दिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अनुसार ग्राम समाज की भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रहती है। इस भूमि का निजी लाभ के लिए उपयोग या स्वरूप बदलना अवैध है। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अतिक्रमण दंडनीय अपराध है, जिसमें कब्जा हटाने, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
शिकायत मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर प्लाटर द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर किए गए कब्जे को हटवाया और संबंधित व्यक्ति को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लाटिंग के समय कोई ले-आउट पास नहीं कराया गया, नियमानुसार सार्वजनिक मार्ग नहीं छोड़ा गया और फिर भी प्लाटों की बिक्री जारी है। इसे खरीदारों के साथ धोखाधड़ी माना जा रहा है।
आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानक विहीन प्लाटिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए और दोषी प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ राजस्व एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जों की संख्या बढ़ सकती है।
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