Sitapur News: गगन भेदी रामाध्वनि के जयकारों के साथ प्रारम्भ हुई धार्मिक चौरासी कोसीय होली परिक्रमा।
प्रथम पड़ाव (pratham padaav) के परिक्रमार्थियों पर हुई पुष्प वर्षा अंग वस्त्र भेंट कर सभी को किया रवाना ...
रिपोर्ट- संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो sitapur
मिश्रित सीतापुर। हर वर्ष परंपरागत रूप से महर्षि दधीचि की स्मृति में फाल्गुन मास के दौरान होने वाला 84 कोसी धार्मिक होली परिक्रमा मेला कल अमांवस्या स्नान के साथ आज प्रतिपदा तिथि को नैमिषारण्य के पहला आश्रम के महंत नारायण दास द्वारा सुबह भोर होते ही डंका बजाए जाने के साथ ही रामाध्वनि के जय घोष के साथ संत महंतों मठाधीशों , पीठाधीशों के साथ ही धर्मावलंबी नर नारियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ यह परिक्रमा शुरू कर दी गई है।
बताते चलें कि यह धार्मिक परिक्रमा 10 बाहरी पड़ाव का भ्रमण करता हुआ दशमी तिथि को रात्रि के दौरान अधिकांशतः मिश्रित आ जाता है । शेष बचे परिक्रमार्थी चित्रकूट पड़ाव से भोर होते ही मिश्रित आ जाते हैं । जहां एकादशी तिथि को सभी परिक्रमार्थी महर्षि दधीचि मंदिर और दधीच कुंड तीर्थ की पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ कर देते हैं । जो पूर्णिमा तिथि तक निरंतर 5 दिन जारी रहती है । ज्ञातव्य हो कि आज पहला आश्रम से डंका बजते ही लाखों परिक्रमार्थियों द्वारा प्रथम पड़ाव द्वारकाधीश स्थान कोरौना के लिए प्रस्थान कर गई है ।
रास्ते में पड़ने वाले कस्बा औरंगाबाद के शुरुआत में ही यहां के निवासी सनातन और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले शफकत अली उर्फ मोनू ने अपने आवास के सामने सभी परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा करते हुए उनका स्वागत ही नहीं किया बल्कि अंग वस्त्र और बूंदी का स्वल्पाहार कराते हुए उन्हें प्रथम पड़ाव कोरौना के लिए रवाना किया ।
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