Sambhal : खग्गुसराय में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़: आधार व प्रमाणपत्र केंद्र पर ओवररेटिंग, फर्जी हस्ताक्षर और जाली मुहरें बरामद
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि शिकायत मिली थी कि आधार बनाने के नाम पर ओवररेटिंग हो रही है। जांच में पाया गया कि जिस काम का सरकारी शुल्क 125 रुपये निर्धा
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जनपद के मोहल्ला खग्गुसराय में स्थित एक जनसेवा/आधार केंद्र पर प्रशासनिक छापेमारी में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में सामने आया कि केंद्र पर आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र गलत तरीके से बनाए जा रहे थे और तय सरकारी शुल्क से लगभग दोगुना वसूली की जा रही थी।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि शिकायत मिली थी कि आधार बनाने के नाम पर ओवररेटिंग हो रही है। जांच में पाया गया कि जिस काम का सरकारी शुल्क 125 रुपये निर्धारित है, उसके बदले केंद्र संचालक 250 रुपये वसूल रहे थे। मौके पर रजिस्टर और पेमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जांचे गए। जांच के दौरान और भी गंभीर मामला सामने आया, जब ग्राम पंचायत नौरिया सराय और एक अन्य ग्राम सभा के हस्ताक्षर युक्त ब्लैंक प्रमाणपत्र पैड बरामद हुए।
ग्राम प्रधान को बुलाकर हस्ताक्षर और मुहर का मिलान कराया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि केंद्र पर मिले पैड के हस्ताक्षर और मुहर असली नहीं हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, ग्राम प्रधान द्वारा घर से लाए गए स्पेसिमेन सिग्नेचर और मुहर से मिलान करने पर दोनों अलग पाए गए, जिससे यह साबित हुआ कि पैड फर्जी हैं। इसके साथ ही केंद्र पर ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी और यूसीएल आईडी का भी गलत इस्तेमाल पाया गया।
प्रशासन ने दोनों आईडी को सस्पेंड कराने की संस्तुति करते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान पति खुर्शीद अली ने बताया कि उनकी पत्नी ग्राम प्रधान हैं और जो हस्ताक्षर निवास प्रमाणपत्रों के पैड पर पाए गए हैं, वे उनकी पत्नी के नहीं हैं। उन्होंने इसे साफ तौर पर फर्जीवाड़ा बताया और कहा कि कम से कम 10–15 ऐसे पैड मिले हैं, जिन पर जाली हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले में पूरी जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। अब निगाहें जिलाधिकारी की रिपोर्ट और आगे होने वाली सख्त कार्रवाई पर टिकी हैं।
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