Sambhal : IGRS में चंदौसी तहसील प्रदेश की नंबर-1 बन रचा इतिहास, डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लाई रंग
IGRS लिपिक विलियम फातिमा के अनुसार जनवरी माह में 220 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। डीएम की विशेष सेल और एसडीएम चंदौसी के नेतृत्व में सभी शिकायतों का समयबद्ध
राजस्व-पुलिस समन्वय, ‘भरोसे की पर्ची’ और हाईटेक कंट्रोल रूम से फरियादियों को बड़ी राहत
Report : उवैस दानिश, सम्भल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सुशासन’ के संकल्प को सम्भल प्रशासन ने ज़मीनी हकीकत में बदल दिया है। जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) की जनवरी-2026 की मासिक रैंकिंग में संभल की चंदौसी तहसील ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की सख़्त अनुशासनात्मक कार्यशैली और ऑन-स्पॉट निस्तारण की नीति के चलते तहसील ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर की तहसीलों को पीछे छोड़ दिया।
आंकड़ों में सफलता की तस्वीर
IGRS लिपिक विलियम फातिमा के अनुसार जनवरी माह में 220 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। डीएम की विशेष सेल और एसडीएम चंदौसी के नेतृत्व में सभी शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया।
मार्किंग स्कोर: 10/10
डिफॉल्टर स्कोर: 20/20 (एक भी मामला समय सीमा से बाहर नहीं)
फीडबैक रेटिंग: शासन स्तर की कॉल पर शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्टि जताई
हाईटेक कंट्रोल रूम और ‘भरोसे की पर्ची’ बना सहारा
कलेक्ट्रेट में स्थापित IGRS कंट्रोल रूम से शिकायतों की सीधी मॉनिटरिंग हो रही है। डिजिटल जानकारी से वंचित लोगों के लिए डीएम द्वारा शुरू की गई ‘भरोसे की पर्ची’ पहल गेम-चेंजर साबित हुई—ग्रामीण और अशिक्षित फरियादी भी अब बिना भटकाव सीधे समाधान पा रहे हैं।
ग्राउंड पर समाधान: केस स्टडीज़
विद्युत समस्या का त्वरित निस्तारण: अकबरपुर चितौरी में झुके बिजली पोल को उसी दिन दुरुस्त कराया गया।
सरकारी भूमि कब्जामुक्त: ग्राम राजथल में तालाब व नवीन परती पर अवैध कब्जा हटाया गया।
चकमार्ग विवाद सुलझा: खजरा खाकम में वर्षों पुराना सीमा विवाद मौके पर पैमाइश कर खत्म, जियो-टैग फोटो अपलोड।
प्लॉट पर अधिकार सुरक्षित: नरौली में पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम कर दस्तावेज़ों के आधार पर निस्तारण कराया।
डीएम का संकल्प
डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि अगला लक्ष्य पूरे संभल जनपद को प्रदेश में नंबर-1 बनाना है। इसके लिए मासिक दो समीक्षा बैठकें होंगी। लापरवाही या फर्जी रिपोर्ट पर कठोर कार्रवाई तय है।
नतीजा: समाधान दिवसों पर भीड़ घटी
तेज़ और भरोसेमंद निस्तारण से तहसील-कलेक्ट्रेट में फरियादियों की कतारें कम हुई हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर जनता का भरोसा बढ़ा है—यह योगी सरकार की पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
You May Read : Lucknow : निजी क्षेत्र की भागीदारी से इको-टूरिज्म स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित हों- मुख्यमंत्री
What's Your Reaction?











