Sambhal : राजनीतिक ताक़त नहीं होगी तो इबादतगाहें यूं ही छिनती रहेंगी सम्भल में मुस्लिम लीग प्रदेश अध्यक्ष मतीन ख़ान का बड़ा बयान
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए मतीन ख़ान ने लखनऊ के KGMU मजार विवाद को उदाहरण के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि KGMU को सौ साल हुए हैं, जबकि मजारें
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल पहुंचे इंडियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष मतीन ख़ान ने मुसलमानों से राजनीतिक रूप से मज़बूत होने की अपील करते हुए कहा कि जो कौम राजनीतिक रूप से कमज़ोर होगी, उसे भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक ताक़त के अभाव में इबादतगाहों पर लगातार हमले हो रहे हैं और इसे रोकने का एकमात्र रास्ता राजनीतिक सशक्तिकरण है।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए मतीन ख़ान ने लखनऊ के KGMU मजार विवाद को उदाहरण के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि KGMU को सौ साल हुए हैं, जबकि मजारें छह सौ साल पुरानी हैं, इसके बावजूद KGMU की ओर से नोटिस दिया जाना ऑफेंसिव बहुसंख्यकवाद का उदाहरण है, जो देश के लिए ख़तरा बनता जा रहा है। मतीन ख़ान ने आरोप लगाया कि यूपी में मौजूदा सरकार के दौरान घरों में नमाज़ पढ़ने तक पर रोक लगाई जा रही है, जो सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाता है।
वहीं, अनुज चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज न होने को भी उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए सरकार को पहले FIR दर्ज करने की नसीहत दी। प्रदेश अध्यक्ष ने इंडियन मुस्लिम लीग को INDIA गठबंधन का सहयोगी बताते हुए ऐलान किया कि पार्टी उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव लड़ेगी और ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत किया जाएगा।
AIMIM से तुलना के सवाल पर मतीन ख़ान ने कहा कि मुस्लिम लीग के पांच सांसद हैं और तमिलनाडु में पार्टी सरकार की सहयोगी है, इसके बावजूद मीडिया में मुस्लिम लीग और उसके कामों को जानबूझकर नहीं दिखाया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया सरकार का पक्ष दिखाकर सरकार को फ़ायदा पहुंचा रही है। अंत में उन्होंने कहा कि गली-कूंचों से निकलकर इबादतगाहों पर हमले तभी रुकेंगे, जब मुसलमान राजनीतिक रूप से मज़बूत होंगे, और इसके लिए एकजुट होकर आगे आना ज़रूरी है।
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