महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए DGP का वीडियो वायरल, IPS का दावा - फर्जी है।

कर्नाटक में नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के महानिदेशक और डीजीपी रैंक के आईपीएस अधिकारी डॉ. के. रामचंद्र राव का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो

By INA News Desk
Jan 20, 2026 - 16:06
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महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए DGP का वीडियो वायरल, IPS का दावा - फर्जी है।
महिला संग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए DGP का वीडियो वायरल, IPS का दावा - फर्जी है।
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  • बेंगलुरु में DGP रामचंद्र राव का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, सिद्धारमैया ने दिए जांच के आदेश, अधिकारी ने वीडियो को फर्जी बताया
  • कर्नाटक DGP के कथित अश्लील वीडियो से हड़कंप, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कानून से कोई बड़ा नहीं, सख्त कार्रवाई होगी
  • रामचंद्र राव का ऑफिस में महिला संग वायरल वीडियो विवादास्पद, मुख्यमंत्री ने होम डिपार्टमेंट से रिपोर्ट मांगी

कर्नाटक में नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के महानिदेशक और डीजीपी रैंक के आईपीएस अधिकारी डॉ. के. रामचंद्र राव का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में अधिकारी को वर्दी में अपने आधिकारिक कक्ष में एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। यह वीडियो सोमवार को सामने आया और तेजी से प्रसारित हुआ। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सुबह इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होम डिपार्टमेंट से रिपोर्ट मांगकर की जाएगी और यदि दोष सिद्ध होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून से कोई भी बड़ा नहीं है चाहे वह किसी भी पद पर हो।

डीजीपी रामचंद्र राव ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मैनिपुलेटेड बताया है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो व्यवस्थित साजिश के तहत उनके खिलाफ फैलाया गया है। अधिकारी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि वीडियो में दिखाई गई सामग्री झूठी और निर्मित है। वीडियो कथित तौर पर उनके आधिकारिक चेंबर में रिकॉर्ड किया गया दिखता है जहां वे वर्दी में हैं। वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और यह अज्ञात तिथि का बताया जा रहा है। अधिकारी ने इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश करार दिया है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर गहरा असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें वीडियो की जानकारी सुबह मिली और उन्होंने तुरंत होम डिपार्टमेंट को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और पद की परवाह किए बिना सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना कर्नाटक पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का विषय बन गई है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच पूरी होने के बाद फैसला लिया जाएगा।

वीडियो में अधिकारी को महिला के साथ अंतरंग व्यवहार करते दिखाया गया है। यह क्लिप छोटी है लेकिन सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। वीडियो की जांच में इसकी प्रामाणिकता और उत्पत्ति का पता लगाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि यह मॉर्फ्ड या एआई जनरेटेड हो सकता है। मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने होम मिनिस्ट्री से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि सच्चाई सामने आए। जांच के दौरान सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

यह घटना कर्नाटक सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। अधिकारी रामचंद्र राव नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख हैं। वीडियो वायरल होने से पुलिस विभाग की छवि पर असर पड़ा है। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी और दोष सिद्ध होने पर अनुशासनात्मक या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश है। जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा कि वीडियो की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई। अधिकारी ने वीडियो को फेक बताया और साजिश का आरोप लगाया। मामले में आगे की जांच से तथ्य सामने आएंगे। यह घटना जनवरी 2026 में हुई और तेजी से चर्चा में रही। सीएम ने सख्त रुख अपनाया है।

कर्नाटक में यह विवाद पुलिस और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का फैसला होगा। अधिकारी ने आरोप खारिज किए हैं जबकि सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो की सत्यता की पुष्टि जांच से होगी।

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