Lucknow : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की
उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सरोवर के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष जहां स्थल चयन शेष है या स्थल चयन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार प
- सभी मुख्य विकास अधिकारियों से मुख्य सचिव ने किया सीधे संवाद
- वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर विकास कार्यों में तेजी के निर्देश
- एसआरएलएम और लखपति महिला कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष जोर
- प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश
- आकांक्षात्मक जनपदों में फील्ड विजिट और ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी पर बल
- यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में प्रत्येक जनपद से आने वाले 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश
लखनऊ : मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से तथा सभी मण्डलायुक्त एवं मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव निर्देश दिए कि सभी विकास अधिकारी जनपद के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक विभाग एवं उसकी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम माह में एक बार नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जाए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न हो और जनहित से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। रूरल इकोनॉमी से जुड़ी छोटी-छोटी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि एसआरएलएम के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की जाए। स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्य बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए परिवार संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए। लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत समूह की महिलाओं की आय का विवरण त्रैमासिक रूप से पोर्टल पर समयबद्ध रूप से फीड कराया जाए तथा डाटा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डाटा की रैंडम जांच भी कराई जाए। समूहों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए जिससे अधिक से अधिक आय सृजन हो और अधिक महिलाएं लखपति बन सकें।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 36.56 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 0.4 प्रतिशत आवास अधूरे हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इन परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से भी आच्छादित किया जाए तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। मॉडल आवासों का निर्माण भी तेजी से पूर्ण कराया जाए। योजना के अंतर्गत सर्वे के उपरांत अपात्र लाभार्थियों की डिलीशन की कार्यवाही तत्काल पूरी की जाए, जिससे अग्रेतर कार्यवाही समय से हो सके। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.05 लाख अधूरे आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा स्वीकृत आवासों की किश्तें समय से जारी की जाएं।
उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सरोवर के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष जहां स्थल चयन शेष है या स्थल चयन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराया जाए। निर्माणाधीन अमृत सरोवरों में भी तेजी लाई जाए। ग्रामों को ओडीएफ प्लस घोषित करने के लिए सत्यापन कार्य में गति लाई जाए। सभी जनपदों में गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं तथा उनकी मॉनिटरिंग के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। जिन अस्थायी गो-आश्रय स्थलों में 50 से कम गोवंश हैं, उन्हें स्थायी गो-आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। फैमिली आईडी से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए। आकांक्षात्मक जनपदों में अधिकारी फील्ड में जाकर प्रगति की समीक्षा करें तथा ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी तैयार करें।
मुख्य सचिव ने जीरो पावर्टी अभियान, आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम, फैमिली आईडी, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य प्राथमिकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल, कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी, सूकर एवं भेड़ पालन योजनाओं, टीकाकरण तथा नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद से 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ी, महिलाएं तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी शामिल होंगे। इनके ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ जनपदों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए मार्ग में समन्वय कर व्यवस्थाएं की जाएं। प्रत्येक बस के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी को बस प्रभारी नामित किया जाए, जो सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं समय से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तथा वापसी की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा।
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