Sitapur : सीतापुर में 120 एएनएम पद खाली, टीकाकरण और मातृ-शिशु सेवाएं प्रभावित
जिले में कुल 758 परिवार कल्याण और स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से 120 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर एएनएम नहीं तैनात हैं। कई जगहों पर एक ही एएनएम को एक से ज्यादा केंद्रों की जिम्मेदा
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति चिंताजनक है। यहां सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) के 120 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इस कमी के कारण टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल जैसी जरूरी सेवाएं वैकल्पिक इंतजामों पर टिकी हुई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों पर पड़ रहा है। जिले में कुल 758 परिवार कल्याण और स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से 120 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर एएनएम नहीं तैनात हैं। कई जगहों पर एक ही एएनएम को एक से ज्यादा केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे नियमित टीकाकरण सत्र, गर्भवती महिलाओं की जांच और शिशु देखभाल जैसी सेवाएं बाधित हो रही हैं।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवनों की हालत भी खराब है। ज्यादातर जगहों पर अपना भवन नहीं है। जहां भवन बने हैं, वे आबादी से दूर हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि आपात स्थिति में मदद की आवाज नहीं पहुंच पाती। सुरक्षा और पहुंच दोनों ही समस्याएं हैं। अच्छे भवनों में भी बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। खाली उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले गांवों में वीएचएनडी और टीकाकरण सत्र अनियमित हो रहे हैं। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दिखाती है। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित लगते हैं। जरूरत है कि खाली एएनएम पद जल्द भरे जाएं, उपकेंद्रों के भवनों को आबादी के पास स्थानांतरित किया जाए और बिजली, पानी, सफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और खराब हो सकती है।
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