MP News: बैतूल में हड़कंप- डीजल में पानी की मिलावट, प्रशासन ने शुरू की पंपों की जांच।
रतलाम में मुख्यमंत्री के काफिले के वाहनों में पानी मिले डीजल से वाहनों के खराब होने के बाद एक्शन में आया जिला प्रशासन, बैतूल में पेट्रोल पम्पों पर पहुँचकर की...
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जिला प्रशासन रतलाम में मुख्यमंत्री के काफिले के वाहनों में पानी मिला हुआ डीजल से वाहनों के खराब होने के बाद पएक्शन मोड़ में आ गया है। बैतूल के सारनी क्षेत्र के पेट्रोल पम्पों का घोड़ाडोंगरी तहसीलदार संतोष पथोरिया ने निरीक्षण कर पेट्रोल और डीजल की जांच की। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर टैंकरों के पेट्रोल और डीजल की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार द्वारा पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता सहित नापतौल की गहन जांच की गई। लेकिन नमूनों में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट या अनियमितता नहीं पाई गई। तहसीलदार ने स्वयं पेट्रोल में पानी मिलाकर चेक कर पंप पर पहुंचे। उपभोक्ता को जागरूक करते हुए मिलावटी पेट्रोल कैसा होता है दिखाया।
- ऐसे की शुद्धता की जांच
मापन छड़ी पर गैसोला वाटर फाइंडिंग पेस्ट लगाई गई। जो हरे रंग की थी। उसे डीजल के टैंकर में डाला गया। डीजल में पानी मिले होने पर उसका रंग गुलाबी हो जाता है। यदि शुद्व है रंग हरा ही रहेगा। वही पेट्रोल को एक पात्र में लेकर उसमें पानी भरा गया। पानी नीचे और पेट्रोल ऊपर आ गया। घोड़ाडोंगरी तहसीलदार संतोष पथोरिया ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर सारनी क्षेत्र के पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पेट्रोल और डीजल की जांच की गई।
इस दौरान तहसीलदार ने उपभोक्ताओं को सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता ईंधन भरवाते समय यह सुनिश्चित करें कि मशीन शून्य रीडिंग से शुरू हो, ईंधन भरने वाला कर्मचारी ऑटो कट सिस्टम का उपयोग कर रहा हो, और नोजल के भीतर प्रेशर फैन सही ढंग से घूम रहा हो। उन्होंने बताया कि गैसोला वाटर फाइडिंग पेस्ट के माध्यम से पेट्रोल में पानी मिलावट की पहचान भी की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
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