दंगल बहस में विशाल मिश्रा का बयान- सनातन अपमान पर इंडी गठबंधन के लोगों की चुप्पी क्यों बनी रहती है

शंकराचार्य ज्योतिष्पीठ के पद को लेकर चल रहे विवाद पर एक बहस कार्यक्रम में राजनीतिक विश्लेषक विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि

Jan 21, 2026 - 14:05
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दंगल बहस में विशाल मिश्रा का बयान- सनातन अपमान पर इंडी गठबंधन के लोगों की चुप्पी क्यों बनी रहती है
दंगल बहस में विशाल मिश्रा का बयान- सनातन अपमान पर इंडी गठबंधन के लोगों की चुप्पी क्यों बनी रहती है
  • राजनीतिक विश्लेषक विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन पर 'सनातन और हिंदुत्व अपमान' को लेकर सवाल उठाया
  • शंकराचार्य विवाद पर राजनीतिक विश्लेषक विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन की खामोशी पर किया कटाक्ष

शंकराचार्य ज्योतिष्पीठ के पद को लेकर चल रहे विवाद पर एक बहस कार्यक्रम में राजनीतिक विश्लेषक विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब सनातन और हिंदूत्व के अपमान की बात होती है, उस पर इंडी गठबंधन के लोगों के मुंह में दही क्यों जम जाती है। यह बयान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की माघ मेला में हुई घटना के संदर्भ में दिया गया। बहस में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने शंकराचार्य को नमन करते हुए कहा कि शंकराचार्य से पूछा जा रहा है कि आप कौन हैं, जबकि गुरु-शिष्य परंपरा जग विदित है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए घनानंद नामक राजा द्वारा संतों के साथ हुए व्यवहार की तुलना मौजूदा घटना से की। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन ने शंकराचार्य को गंगा स्नान के लिए अनुमति मांगने को मजबूर किया, जो पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने 2015 की लाठीचार्ज घटना का जिक्र किया, जहां संत गणपति विसर्जन कर रहे थे। बहस में पुरानी घटनाओं के सबूत दिखाए गए, जैसे सीसीटीवी फुटेज और 2015 की तस्वीरें। समाजवादी पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 2015 में अखिलेश यादव सरकार के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर तब की कार्रवाई सही थी, तो अब की कार्रवाई गलत कैसे हो गई। आशुतोष वर्मा ने तस्वीरें दिखाईं जहां 2015 में लाठीचार्ज होता दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शंकराचार्य को निशाना बनाना है। बहस में 2018 में काशी कॉरिडोर, राम मंदिर फाउंडेशन स्टोन और महाकुंभ स्टैंपीड का जिक्र किया गया। विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन के सदस्यों से सवाल किया कि हिंदुत्व और सनातन पर टिप्पणियां होने पर क्यों चुप रहते हैं। उन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाने, काशी विश्वनाथ और हनुमानजी मंदिर में बम मिलने और आरोपीों को रिहा करने के आरोप लगाए। बहस में यूपी की राजनीति में धर्म और सत्ता के टकराव को उजागर किया गया। कार्यक्रम में महाकुंभ में हुई घटनाओं पर आधारित चर्चा हुई, जहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ने आरोप लगाया कि उन्हें बैरिकेड तोड़ने पर रोका गया और लाठीचार्ज किया गया।

बहस में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की माघ मेला घटना को विस्तार से उठाया गया। शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन ने उनकी पालकी को रोका और शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की। विशाल मिश्रा ने इस संदर्भ में इंडी गठबंधन की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि सनातन अपमान पर वे क्यों खामोश रहते हैं। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि संतों को खींचकर पीटा गया, जबकि पहले महाकुंभ में प्रशासन उनकी पालकी का सम्मान करता था। उन्होंने ब्रिटिश या औरंगजेब काल में भी ऐसी घटना न होने का जिक्र किया। आशुतोष वर्मा ने कहा कि सरकार अब इसे गलत बता रही है, जबकि 2015 में समान कार्रवाई हुई थी। बहस में पुलिस कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के बयान का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि बैरिकेड थे और नियम तोड़ने पर रोक लगाई गई। शंकराचार्य ने योगी सरकार पर स्टैंपीड, गौ हत्या और मंदिर विध्वंस के लिए निशाना साधा। विशाल मिश्रा ने कहा कि जब सनातन और हिंदूत्व के अपमान की बात होती है, उस पर इंडी गठबंधन के लोगों के मुंह में दही क्यों जम जाती है। उन्होंने एनडीए गठबंधन के सदस्यों से भी सवाल किया। बहस में दिखाए गए सबूतों में 2015 की घटना शामिल थी, जहां संतों पर लाठीचार्ज हुआ। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि नियम सबके लिए समान होने चाहिए। आशुतोष वर्मा ने शंकराचार्य की आलोचना को याद दिलाया। कार्यक्रम में बहस तीखी रही, जहां विपक्ष ने बीजेपी को धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने कहा कि शंकराचार्य को योगी मान मानकर अकेले जाने नहीं दिया गया। विशाल मिश्रा ने राम भक्तों पर गोली चलाने का जिक्र किया। बहस में गुरु-शिष्य परंपरा पर जोर दिया गया।

शंकराचार्य विवाद की पृष्ठभूमि में 2015 की वाराणसी घटना का जिक्र हुआ, जहां गणेश विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज हुआ। विशाल मिश्रा ने इस घटना को सनातन अपमान से जोड़ा और इंडी गठबंधन की चुप्पी पर सवाल उठाया। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि शंकराचार्य से पूछा जा रहा है कि आप कौन हैं। उन्होंने घनानंद राजा का उदाहरण दिया। आशुतोष वर्मा ने 2015 की कार्रवाई को सही बताते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। बहस में महाकुंभ में बैरिकेड तोड़ने की घटना पर चर्चा हुई। शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें स्नान से रोका गया। विशाल मिश्रा ने कहा कि हिंदुत्व पर टिप्पणियां जैसे इसे डेंगू या मलेरिया कहना, पर चुप्पी क्यों। उन्होंने काशी विश्वनाथ में बम मिलने का जिक्र किया। कार्यक्रम में दिखाए गए फुटेज में 2015 की तस्वीरें शामिल थीं। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन ने अनुमति मांगने को मजबूर किया। आशुतोष वर्मा ने काशी कॉरिडोर और राम मंदिर का जिक्र किया। विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन के लोगों के मुंह में दही जमने की बात कही। बहस में स्टैंपीड का उल्लेख हुआ। शंकराचार्य ने सरकार पर गौ हत्या का आरोप लगाया। कार्यक्रम में धर्म और राजनीति के टकराव पर फोकस रहा।

बहस में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने शंकराचार्य की गरिमा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा जग विदित है। विशाल मिश्रा ने सनातन अपमान पर इंडी गठबंधन की खामोशी पर सवाल उठाया। आशुतोष वर्मा ने 2015 की घटना की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि तब लाठीचार्ज हुआ था। बहस में महाकुंभ स्टैंपीड का जिक्र हुआ। शंकराचार्य ने मंदिर विध्वंस का आरोप लगाया। विशाल मिश्रा ने राम भक्तों पर गोली चलाने का उल्लेख किया। अखिलेश प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक उदाहरण दिए। आशुतोष वर्मा ने योगी सरकार को निशाना बनाया। कार्यक्रम में सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए। विशाल मिश्रा ने कहा कि जब सनातन और हिंदूत्व के अपमान की बात होती है, उस पर इंडी गठबंधन के लोगों के मुंह में दही क्यों जम जाती है। बहस में नियमों का पालन करने की बात हुई। पुलिस ने बैरिकेड का हवाला दिया। शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें योगी मान मानकर रोका गया।

कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने अखिलेश यादव सरकार की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि 2015 में कार्रवाई सही थी। विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधा। अखिलेश प्रताप सिंह ने संतों को पीटने का आरोप लगाया। बहस में 2018 की घटनाओं का जिक्र हुआ। शंकराचार्य ने स्टैंपीड पर सवाल उठाया। विशाल मिश्रा ने आरोपीों को रिहा करने का आरोप लगाया। आशुतोष वर्मा ने शंकराचार्य की आलोचना को याद दिलाया। कार्यक्रम में यूपी राजनीति पर चर्चा हुई। विशाल मिश्रा ने डबल स्टैंडर्ड का आरोप लगाया।

बहस में राजनीतिक विश्लेषक विशाल मिश्रा ने इंडी गठबंधन की चुप्पी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन अपमान पर वे क्यों खामोश रहते हैं। अखिलेश प्रताप सिंह ने गुरु-शिष्य परंपरा का जिक्र किया। आशुतोष वर्मा ने 2015 की तस्वीरें दिखाईं। कार्यक्रम में महाकुंभ घटना पर फोकस रहा। शंकराचार्य ने अपमान का आरोप लगाया। विशाल मिश्रा ने हिंदुत्व टिप्पणियों का उल्लेख किया। बहस में धर्म की रक्षा पर चर्चा हुई।

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