मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, अर्पित की श्रद्धांजलि।

अविभाजित उत्तर प्रदेश और आंतरिक सुरक्षा के लिए पं. गोविंद वल्लभ पंत जी द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगेः सीएम योगी 

By INA News Desk
Sep 10, 2024 - 11:12
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, अर्पित की श्रद्धांजलि।
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  • सीएम ने कहा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर प्रैक्टिस छोड़ी, जेल की यातना सही, लेकिन आजादी के आंदोलन से कभी विचलित नहीं हुए 
  • प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधाएं देने, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए जो कार्ययोजना बनाई उसी पर आधारित है आज का उत्तर प्रदेशः सीएम  
  • हिंदी को राजभाषा बनाने का उनका प्रयास अतुल्य, रेवेन्यू सेक्टर में उनके द्वारा किए गए रिफॉर्म आज भी गरीब को न्याय प्रदान करते हैंः मुख्यमंत्री योगी   

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 137वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि  अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी ने अविभाजित उत्तर प्रदेश के लिए और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए जो कार्य किए वह सदैव स्मरणीय रहेंगे। उत्तर प्रदेश में विकास के कार्यों की आधारशिला रखने के लिए भारत के ऐसे महान सपूत की स्मृतियों को नमन करते हुए उनकी पावन जयंती पर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।  

  • पंडित गोविंद वल्लभ पंत की कार्ययोजना पर ही आधारित है आज का उत्तर प्रदेश 

सीएम योगी ने पंडित गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत ही यशस्वी रहा।  उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने अपनी अच्छी खासी प्रैक्टिस छोड़ दी और आजादी के आंदोलन से जुड़ गए। उन्होंने आंदोलन में भाग लिया, जेल की यातना सही, लेकिन आजादी के उस आंदोलन से कभी विचलित नहीं हुए।

यही कारण था कि आजादी के आंदोलन के दौरान उनके द्वारा किए गए योगदान, लगातार किए गए संघर्षों के कारण उन्हें स्वतंत्र भारत में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का उत्तरदायित्व सौंपा गया। उन्होंने 1954 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उस समय के उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों इसके लिए, शिक्षा, स्वास्थ्य और उस समय के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए उन्होंने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की, जिस पर आज का हमारा उत्तर प्रदेश आधारित है।

सीएम योगी ने कहा कि  1954-55 में पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी को देश के गृह मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। इस दौरान राजभाषा हिंदी हो इसके लिए उनका प्रयास अत्यंत ही अतुल्य है। रेवेन्यू के सेक्टर में उनके द्वारा किए गए रिफॉर्म आज भी एक गरीब को न्याय प्रदान करते हैं।  

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इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक नीरज बोरा  आदि उपस्थित रहे।

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