निराश्रित गोवंश के लिए बड़ी सौगात: धर्मपाल सिंह ने किया 18 गो संरक्षण केंद्रों का उद्घाटन, हर केंद्र में 400 गायों की व्यवस्था।

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज पशुपालन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम में निराश्रित गोवंश के

Jan 22, 2026 - 19:52
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निराश्रित गोवंश के लिए बड़ी सौगात: धर्मपाल सिंह ने किया 18 गो संरक्षण केंद्रों का उद्घाटन, हर केंद्र में 400 गायों की व्यवस्था।
निराश्रित गोवंश के लिए बड़ी सौगात: 14 जनपदों में 18 नवनिर्मित वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का किया लोकार्पण, हर केंद्र में 400 गायों की व्यवस्था
  • पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 14 जनपदों में 18 नवनिर्मित वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का किया लोकार्पण
  • प्रत्येक केन्द्र में 400 गोवंश को संरक्षित करने की क्षमता
  • गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए
  • 7497 गोआश्रय स्थलों में 1238447 निराश्रित गोवंश संरक्षित - धर्मपाल सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज पशुपालन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम में निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु प्रदेश के 14 जनपदों के 18 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों का वर्चुवल लोकार्पण किया। इसके तहत मिर्जापुर में 03, बरेली एवं कानपुर देहात में 02-02 तथा आजमगढ़, कासगंज, उन्नाव, बुलन्दशहर, श्रावस्ती, अम्बेकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, फिरोजाबाद, रायबरेली एवं बदायूं में 01-01 वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का शत-प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इन 18 गो संरक्षण केन्द्रों की कुल निर्माण लागत रुपए 28 करोड़ 82 लाख है। प्रत्येक केंद्र में लगभग 400 गोवंश को संरक्षित किया जा सकता है। श्री सिंह ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में गोवंश के भरण-पोषण, संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। गोआश्रय स्थलों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

कार्यक्रम में धर्मपाल सिंह ने सम्बंधित जनपदों के ग्रामप्रधानों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा केयरटेकरों से भी गोवंश के रखरखाव और सहयोग पर बात की। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण कार्यों में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए और गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए। निराश्रित गोवंश हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। गोशालाओं में गाय भूखी न रहे, चारा, भूसा, प्रकाश एवं दवाईयों की पर्याप्त व्यवस्था हो। 

प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 630 वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके सापेक्ष 421 केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 410 वृहद गोसंरक्षण केन्द्र क्रियाशील किए जा चुके है। प्रत्येक वृहद गोसंरक्षण केन्द्र की गोवंश धारण क्षमता 400 गोवंश तथा इकाई निर्माण लागत 160.12 लाख है। प्रदेश में 0.5 हे0 भूमि पर स्थायी गोआश्रय स्थल बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। निराश्रित गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा अभूतपूर्व तथा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। संरक्षित गोवंशो के भरण-पोषण हेतु शत-प्रतिशत अनुदान राशि का भुगतान डीबीटी द्वारा दिसम्बर, 2025 तक किया जा चुका है। गो-संरक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं आर्थिक उन्नति के अनेक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। 

वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 6503 अस्थायी गो आश्रय स्थल, 421 वृहद गो संरक्षण केन्द्र, 259 कांजी हाऊस एवं शहरी क्षेत्र में 314 कान्हा गो आश्रय स्थल सहित कुल 7497 गो आश्रय स्थलों में 1238447 निराश्रित गोवंश संरक्षित है। मा० मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत 113631 इच्छुक लाभार्थियों को 181418 निराश्रित गोवंश सुपुर्द किये गये हैं। प्रदेश सरकार द्वारा सहभागिता योजनान्तर्गत सुपुर्द गोवंशों तथा गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण पर प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रूपये व्यय किया जा रहा है। 

इस अवसर पर पशुपालन विभाग 22 जनवरी से 08 मार्च, 2026 तक संचालित होने वाले राष्ट्रीय खुरपका, मुहपका रोग नियंत्रण अभियान के 7वें चरण 2025-26 का शुभारम्भ भी मंत्री जी द्वारा किया गया। 

श्री सिंह ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने हेतु बहुआयामी प्रयोग किये जा रहे हैं। गाय के गोबर से गो दीप, धूपबत्ती, गोलॉग, गोबर के गमले, वर्मी कम्पोस्ट तथा सी0बी0जी0 उत्पादन इकाईयोें की स्थापना की जा रही है। इन इकाईयों के संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान किया जा रहा है। गोवंश संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं आर्थिक उन्नति के अनेक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

कार्यक्रम में पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों से कहा कि गोसंरक्षण केन्द्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए और अधिकारी नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें। गोसंरक्षण केन्द्रों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और गोवंश संरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न होने पाए। 

कार्यक्रम में विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, निदेशक प्रशासन एवं विकास डा0 मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा0 राजेन्द्र प्रसाद, अपर निदेशक डा0 संगीता तिवारी, योजनाधिकारी डा0 पी0के0 सिंह, संयुक्त निदेशक मुख्यालय सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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