Lucknow : विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी- योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सभी विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के हाथों ही संपन्न कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी काम में विभागीय कमियां या ठेकेदारों की तरफ से गलतियां होती हैं, तो उसकी जिम्मेदारी जनप्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक निर्माण विभाग की आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा की। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों के मानक, गुणवत्ता और तय समय सीमा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों से स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास कार्यों के प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि जून के पहले सप्ताह में कार्ययोजना को सरकारी मंजूरी दी जा सके। इसके लिए जिलाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सभी विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के हाथों ही संपन्न कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी काम में विभागीय कमियां या ठेकेदारों की तरफ से गलतियां होती हैं, तो उसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की नहीं होगी। कार्यों को तय समय में और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और कनेक्टिविटी राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी हैं, इसलिए प्रस्ताव बनाते समय किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव न किया जाए। हर जिले में चल रही योजनाओं की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात करने और लोक निर्माण विभाग को अलग से टीम भेजकर जमीनी हकीकत की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में आपातकालीन स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हर ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के पास हेलीपैड बनाने के निर्देश भी दिए गए, जिनकी देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी। वैश्विक स्तर पर ईंधन और बिटुमेन की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, जिससे सड़क निर्माण ज्यादा टिकाऊ और कम खर्चीला हो सके। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में दो किलोमीटर तक की सड़कों को सीसी रोड बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नगर विकास विभाग की मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के कामों में तेजी लाने को कहा ताकि शहरों के हर मोहल्ले और कॉलोनी तक अच्छी सड़कों की पहुंच हो सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए अब तक 30 हजार से अधिक प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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