संडीला तहसील में किसानों की राजस्व समस्याओं का त्वरित समाधान: प्रत्येक बृहस्पतिवार तय हुआ विशेष समय
हरदोई के संडीला में किसानों की राजस्व समस्याओं के समाधान के लिए तहसील में प्रत्येक बृहस्पतिवार दोपहर 12 से 1 बजे का समय तय। एसडीएम ने जारी किए निर्देश।
हरदोई जनपद अंतर्गत संडीला तहसील में कृषकों और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों की राजस्व से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए एक नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी संडीला ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से यह संज्ञान में आया था कि जनपद स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होने वाले 'किसान दिवस' में राजस्व संबंधी मामलों की बहुतायत के चलते कृषि विकास के मूल विषयों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो पा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए अब तहसील स्तर पर विशेष जनसुनवाई का समय निर्धारित किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जनपद स्तर पर प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया जाता है। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य खेती की आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई व्यवस्था, उर्वरक उपलब्धता और कृषि विकास की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर किसानों के साथ विचार-विमर्श करना होता है। हालांकि, सीमित समयावधि वाले इस मंच पर उपस्थित कृषकों और किसान संगठनों द्वारा जमीन की पैमाइश, दाखिल-खारिज और मेड़ विवाद जैसे राजस्व मामलों को प्रमुखता से उठाए जाने के कारण कृषि नीतियों पर केंद्रित चर्चा अक्सर प्रभावित हो जाती थी।
इस व्यावहारिक समस्या को देखते हुए किसानों और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने तहसील स्तर पर राजस्व मामलों के निस्तारण के लिए अलग से समय निर्धारित करने की मांग उठाई थी। इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए तहसील संडीला में प्रत्येक बृहस्पतिवार दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक एक घंटे का विशेष समय निर्धारित किया गया है। इस निश्चित समय के दौरान राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहकर किसानों की जमीन और अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं की सीधी सुनवाई करेंगे।
उप जिलाधिकारी ने क्षेत्र के सभी कृषकों और किसान यूनियन के पदाधिकारियों से अपील की है कि वे अपनी भूमि और राजस्व से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या को निर्धारित दिवस व समय पर तहसील में प्रस्तुत करें। इससे न केवल किसानों की समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा, बल्कि जिला स्तर पर होने वाले किसान दिवस में कृषि उन्नयन के वास्तविक मुद्दों पर सार्थक विमर्श भी संभव हो सकेगा।
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