हाथरस: राजस्व वादों में देरी पर डीएम सत्य प्रकाश पटेल सख्त, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

हाथरस में राजस्व मामलों के निस्तारण में देरी पर डीएम सत्य प्रकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाया। तय समयसीमा से अधिक लंबित फाइलों पर अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

By INA News Desk
Sep 24, 2026 - 23:02
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हाथरस: राजस्व वादों में देरी पर डीएम सत्य प्रकाश पटेल सख्त, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

हाथरस कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज राजस्व गतिविधियों, राजस्व वसूली और विभिन्न अदालतों में लंबित वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल का कड़ा रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समय सीमा पार कर चुके सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि बिना किसी ठोस आधार के मामलों को लटकाए रखने वाले अधिकारियों और पटल सहायकों की सीधी जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24, 144, 67, 116, 38, 133 और 145 के तहत लंबित मुकदमों की तहसीलवार विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पैमाइश, मेड़बंदी, अंश निर्धारण और कुर्रा-बंटवारे से जुड़े पुराने विवादों के जल्द समाधान पर विशेष बल दिया। उन्होंने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से कहा कि सामान्य भूमि विवादों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुलह-समझौते के आधार पर मामले निपटाए जाएं, ताकि अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम हो और ग्रामीण अंचलों में शांति व्यवस्था बनी रहे।

तहसीलों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ नायब तहसीलदार और तहसीलदार न्यायालयों का नियमित स्थलीय व पत्रावली निरीक्षण करने को कहा गया। अकृषक भूमि घोषित करने से जुड़े धारा 80 के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने सभी सह-खातेदारों की विधिक सहमति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी नए विवाद की गुंजाइश न रहे। इसके साथ ही विभिन्न मदों में सरकारी देयों की राजस्व वसूली के वार्षिक लक्ष्यों को समय रहते शत-प्रतिशत पूरा करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी, सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य पटल प्रभारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े मामलों के निस्तारण में गति लाकर ही जनता को वास्तविक राहत पहुंचाई जा सकती है।

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