हरदोई: सीएम डैशबोर्ड राजस्व समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाही और असंतोषजनक फीडबैक पर जताई नाराजगी
हरदोई में जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने सीएम डैशबोर्ड राजस्व समीक्षा बैठक में खराब रैंकिंग, कम वसूली और आईजीआरएस शिकायतों के असंतोषजनक निस्तारण पर कड़े निर्देश दिए।
जनपद में विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने तथा जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए कड़ा रुख अपनाया गया है। स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड राजस्व समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शासन स्तर पर तय किए गए राजस्व वसूली के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल किया जाए ताकि जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हो सके। कम प्रगति और खराब प्रदर्शन वाले विभागीय अधिकारियों को कार्यशैली में तत्काल बदलाव लाने की हिदायत दी गई।
बैठक के दौरान आबकारी और खनन विभाग के राजस्व संग्रह की समीक्षा में लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब-तलब किया। उन्होंने तय समयसीमा के भीतर राजस्व वसूली बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। इसी तरह स्टांप, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपने स्तर से लंबित प्रकरणों का तेजी से निस्तारण कर राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा गया।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा में पाया गया कि बिजली विभाग से संबंधित शिकायतों में लगभग 70 प्रतिशत मामलों में नागरिकों का फीडबैक असंतोषजनक रहा। इसी प्रकार जल निगम, नमामि गंगे और समाज कल्याण विभाग की शिकायतों में भी बड़ी संख्या में लोग निस्तारण से असंतुष्ट पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों से सीधे सवाल-जवाब किए।
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का केवल कागजी या औपचारिक निस्तारण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जांच करें, शिकायतकर्ता से पहले और बाद में बातचीत करें और उनकी वास्तविक संतुष्टि के आधार पर ही आख्या अपलोड करें। राजस्व से जुड़े मामलों में भी ढिलाई पाए जाने पर उन्होंने राजस्व कर्मियों को अपनी रैंकिंग और कार्यकुशलता सुधारने की सख्त चेतावनी दी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दीपाली भार्गव तथा नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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