हरदोई में अतिवृष्टि और चक्रवात से तबाही: प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने बांटी राहत किट, बिजली बहाल
हरदोई में चक्रवात और भारी वर्षा से प्रभावित इलाकों में प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने राहत शिविरों का जायजा लिया, फसल-मकान क्षति के सर्वे और बिजली बहाली के आदेश।
हरदोई जनपद में चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश से उत्पन्न संकट के बीच शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने बिलग्राम तहसील अंतर्गत ग्राम इसरापुर स्थित राहत शिविर और राजघाट बाढ़ निगरानी चौकी का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इसरापुर तथा परसोला के प्रभावित ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनका हाल जाना और परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। गांव में स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा उपचार के लिए स्थापित शिविर में पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों को तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व अधिकारियों को मकान और फसल को पहुंचे नुकसान का त्वरित आकलन कर प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने के आदेश दिए।

संडीला और बालामऊ क्षेत्र में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित गांवों में डटे रहे। संडीला विधायक अलका अर्कवंशी और बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा ने ग्राम गोसवा डोंगा, सनई तथा ककराली में आयोजित जनस्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा शिविरों में प्रतिभाग किया। नायब तहसीलदार कोथावां और कछौना की अगुवाई में राजस्व टीमों ने क्षेत्र का सघन दौरा कर ग्रामीणों से संवाद साधा और संपत्ति तथा फसल के नुकसान का ब्योरा जुटाया। सई नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जाहिदपुर और माकनखेड़ा में चौकसी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

शाहाबाद तहसील में उपजिलाधिकारी ने गर्रा नदी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए ग्राम गनुआपुर माझा, किलकिली, सिंगुआपुर और बारी का भ्रमण किया। मंगलीपुर, चक्कात बाहर, लालपुर, आंझी, नगला, बंदरहा, सरावर, लखनौर एवं सहसोगा गांवों में लगाए गए विशेष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों और मवेशियों का उपचार कराया गया। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम कौढ़ा और वैष्णों नगर मजरा धियर महोलिया में जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम किए गए, जबकि लोनार स्थित इंटर कॉलेज में राहत शिविर की तैयारियां पूरी की गईं। सवायजपुर तहसील के ग्राम गोरिया में रामगंगा नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सिलवरी तथा खद्दीपुर सहित अन्य गांवों में चिकित्सा टीमें लगातार सेवाएं दे रही हैं।

तूफान और तेज वर्षा के कारण चरमराई विद्युत व्यवस्था को युद्धस्तर पर बहाल कर दिया गया है। जनपद के सभी 65 प्रभावित 33 केवी उपकेंद्रों और 270 प्रभावित 11 केवी फीडरों पर आपूर्ति सुचारू रूप से चालू करा दी गई है। इसके अतिरिक्त टूटे हुए 378 बिजली के खंभों और 72 क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर बिजली चालू की गई, जबकि अन्य खंभों को ठीक करने का काम तेजी से जारी है। प्राकृतिक आपदा में घायल हुए 9 व्यक्तियों में से 4 को स्वस्थ होने के उपरांत घर भेज दिया गया है, जबकि शेष 5 घायलों की हालत स्थिर है और उनका समुचित इलाज जारी है। जिला प्रशासन ने रोस्टरवार टीमें तैनात कर राहत व पुनर्वास कार्यों की निगरानी तेज कर दी है।
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