हरदोई में उफनाई नदियां और चक्रवाती बारिश से संकट: जमीन पर उतरे प्रशासनिक अधिकारी, मोटर बोट तैनात और राहत शिविर सक्रिय
हरदोई में नदियों के बढ़ते जलस्तर और अतिवृष्टि के बीच प्रशासन सक्रिय। सवायजपुर, बिलग्राम, संडीला और शाहाबाद में राहत शिविर, मोटर बोट और बिजली बहाली तेज।
हरदोई। जनपद में लगातार जारी तेज हवाओं, भारी बारिश और प्रमुख नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की विभिन्न तहसीलों के उप जिलाधिकारियों ने संबंधित विभागाध्यक्षों के साथ संवेदनशील और जलमग्न क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ संभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया, सुरक्षा उपायों को लेकर जागरूक किया और फसल व मकानों को पहुंचे नुकसान के प्राथमिक आकलन का काम शुरू कराया।
सवायजपुर तहसील में जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी ने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्परता जांचने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौसार, जनता इंटर कॉलेज पुरसौलिया और कुसुमखोर घाट आदि तटवर्ती इलाकों का जायजा लिया। संभावित आपदा को देखते हुए राहत शिविरों की तैयारियों को परखा गया और बचाव कार्य में गति लाने के लिए स्थानीय स्तर पर दो मोटर बोट तुरंत तैनात कर दी गई हैं।
उधर संडीला तहसील में क्षेत्रीय विधायक अलका अर्कवंशी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सह उप जिलाधिकारी ने अतिवृष्टि प्रभावित बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से मिलकर समस्याओं की जानकारी ली, नुकसान का सर्वे कराया और जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सूखा राशन पैकेट वितरित कराए।
बिलग्राम तहसील में उप जिलाधिकारी ने अखवेलपुर मलवा, चुन्नीपुरवा, सांडी, इसरापुर और राजघाट जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर प्राथमिक विद्यालय इसरापुर में राहत शिविर संचालित करने और राजघाट पर चौबीस घंटे निगरानी के लिए बाढ़ चौकी स्थापित करने की कार्यवाही पूरी की गई। जलमग्न गांवों में आवागमन और सुरक्षित निकासी के लिए मांग के अनुरूप तीन मोटर बोट उपलब्ध करा दी गई हैं।
शाहाबाद तहसील क्षेत्र में गर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने के कारण उप जिलाधिकारी ने कहारकोला, उमरिया, कैथानी और अतरंजी गांवों का दौरा कर तटबंधों की स्थिति परखी और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
सदर तहसील में उप जिलाधिकारी ने बावन स्थित विद्युत उपकेंद्र में भरे पानी को पंपसेट से निकलवाकर बिजली आपूर्ति सुचारू कराई। इसके बाद गर्रा नदी के किनारे बसे गोविंदपुर और करनपुर सहित आसपास के गांवों में पहुंचकर जनसंवाद किया तथा स्वामी कल्याणानंद पीजी कॉलेज न्योरादेव में बनाए गए राहत शिविर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्राकृतिक आपदा के कारण चरमराई बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विद्युत विभाग ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया। जिले के सभी 65 प्रभावित 33 केवी उपकेंद्रों और 270 प्रभावित 11 केवी फीडरों में से 262 फीडरों को चालू कर दिया गया है। आंधी-तूफान से टूटे 242 खंभों और 41 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी गई है, जबकि शेष स्थानों पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। आंधी और बारिश से जुड़े हादसों में घायल हुए आठ व्यक्तियों में से चार को प्राथमिक उपचार के बाद सकुशल घर भेज दिया गया है, जबकि चार अन्य घायलों का अस्पताल में समुचित उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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